GST Council Meeting: टैक्स स्लैब में होंगे बड़े बदलाव, पनीर-दूध, चॉकलेट, चिप्स समेत ये सामान होंगे सस्ते

GST Council Meeting: करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से 56वीं जीएसटी परिषद की दो दिवसीय बैठक आज यानी बुधवार से शुरू हो गई है। सभी की निगाहें जीएसटी परिषद की बैठक पर टिकी हैं। इस बैठक के दौरान जीएसटी स्लैब में कटौती को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं। दरअसल, 15 अगस्त को लाल किले से पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा की गई घोषणा के बाद से ही देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) में सुधार की तैयारियां जोरों पर हैं। इस दो दिवसीय बैठक में जीएसटी दरों में चार की बजाय दो टैक्स स्लैब में बदलाव पर

Written By :

SK Sharma

Updated

September 3, 2025

GST Council meeting

GST Council Meeting: करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से 56वीं जीएसटी परिषद की दो दिवसीय बैठक आज यानी बुधवार से शुरू हो गई है। सभी की निगाहें जीएसटी परिषद की बैठक पर टिकी हैं। इस बैठक के दौरान जीएसटी स्लैब में कटौती को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं। दरअसल, 15 अगस्त को लाल किले से पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा की गई घोषणा के बाद से ही देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) में सुधार की तैयारियां जोरों पर हैं। इस दो दिवसीय बैठक में जीएसटी दरों में चार की बजाय दो टैक्स स्लैब में बदलाव पर अंतिम मुहर लगेगी।

150 से ज्यादा उत्पादों पर GST हो सकती है कम

बता दें कि इस बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं और इसमें सभी राज्यों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। बताया जा रहा है कि इस बैठक में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के ढांचे को दो-स्तरीय कर स्लैब में बदलने पर विचार किया जाएगा। इससे 150 से ज्यादा उत्पादों पर जीएसटी की दरें कम हो सकती हैं। इनमें ऑटोमोबाइल सेक्टर भी शामिल है।

वित्त मंत्री सीतारमण के अनुसार, अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार एक खुली और पारदर्शी अर्थव्यवस्था का निर्माण करेंगे, साथ ही छोटे व्यवसायों पर कर अनुपालन का बोझ भी कम करेंगे। परिषद उत्पादों को मौजूदा 12 और 28 प्रतिशत की दर से कम दरों के साथ 5 और 18 प्रतिशत की दो कर दरों में लाने पर चर्चा करेगी। बैठक में चुनिंदा वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की विशेष कर दर लगाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। विभिन्न वस्तुओं को 12 और 18 प्रतिशत की जीएसटी दर से हटाकर 5 प्रतिशत या शून्य जीएसटी श्रेणी में लाने के प्रस्तावों का उद्देश्य परिवारों पर कर का बोझ कम करना और खर्च को बढ़ावा देना है।

दूध, चॉकलेट, चिप्स समेत ये सामान होंगे सस्ते

अगर जीएसटी सुधार से जुड़े प्रस्ताव लागू होते हैं, तो रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली सभी चीजें सस्ती हो जाएंगी, जिनमें दूध-पनीर, नमकीन, साबुन, तेल, कपड़े शामिल हैं। इसके साथ ही, अगर स्लैब में बदलाव होता है, तो टीवी, एसी, जूते, मोबाइल और कार-बाइक की कीमतों में भी बड़ी कमी आ सकती है। प्रस्ताव के तहत, जिन वस्तुओं पर जीएसटी स्लैब 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया जाना है, यानी उन्हें सस्ता करने की योजना है, उनमें पैकेज्ड फूड जैसे: चिप्स, पास्ता, नूडल्स, जैम, नमकीन (भुजिया), केचप, पैकेज्ड जूस,सूखे मेवे, खजूर, घी, मक्खन, पनीर-दूध, चॉकलेट, पेस्ट्री, आइसक्रीम और कंडेंस्ड मिल्क से बने पेय पदार्थ शामिल हैं।

कार और बाइक होंगी सस्ती

प्रस्तावित स्लैब तय होने के बाद, 1.2 लीटर इंजन और 4 मीटर से कम लंबाई वाली छोटी कारें, जिन पर वर्तमान में 28 प्रतिशत जीएसटी और 1-3 प्रतिशत सेस लगता है, नए बदलावों के बाद 18 प्रतिशत टैक्स स्लैब के दायरे में आ सकती हैं। इससे इन कारों की कीमतों में लगभग 8% की संभावित गिरावट का अनुमान है। जबकि बड़ी कारों की कीमतों में 3% से 5% तक की गिरावट आने की उम्मीद है।

ये समान भी होंगे सस्ते

जीएसटी परिषद की बैठक से शिक्षा क्षेत्र को भी लाभ होने की संभावना है क्योंकि मानचित्र, ग्लोब, पेंसिल शार्पनर, अभ्यास पुस्तिकाएं, ग्राफ बुक और लैब नोटबुक जैसी वस्तुओं पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर शून्य करने का प्रस्ताव है। इससे छात्रों और अभिभावकों को, खासकर नए शैक्षणिक वर्ष से पहले, भारी बचत हो सकती है। दरों में कटौती का प्रस्ताव जीएसटी परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यदि संशोधित जीएसटी संरचना को मंजूरी मिल जाती है, तो इसे 22 सितंबर तक लागू किया जा सकता है।


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