‘पोस्टल बैलेट’ पर अमल की मिसाल बने राज्यपाल राम नाईक

लखनऊ–उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक व उनकी पत्नी श्रीमती कुन्दा नाईक ने आज राजभवन, लखनऊ से लोकसभा चुनाव 2019 हेतु पोस्टल बैलेट के माध्यम से अपने मताधिकार का प्रयोग किया।  उल्लेखनीय है कि श्री नाईक मुंबई उत्तर-पश्चिम लोकसभा सभा क्षेत्र के मतदाता हैं जहाँ 29 अप्रैल 2019 को मतदान होना है। राज्यपाल एवं उनकी पत्नी द्वारा पोस्टल बैलेट से मतदान करने के उपरान्त राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री हेमन्त राव ने उसे सत्यापित कर स्पीड पोस्ट से मुंबई उत्तर-पश्चिम लोकसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी को भेज दिया। राज्यपाल ने पोस्टल बैलेट का निर्णय मुंबई हवाई यात्रा के

Written By :

admin

Updated

April 24, 2019

लखनऊ–उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक व उनकी पत्नी श्रीमती कुन्दा नाईक ने आज राजभवन, लखनऊ से लोकसभा चुनाव 2019 हेतु पोस्टल बैलेट के माध्यम से अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 

उल्लेखनीय है कि श्री नाईक मुंबई उत्तर-पश्चिम लोकसभा सभा क्षेत्र के मतदाता हैं जहाँ 29 अप्रैल 2019 को मतदान होना है। राज्यपाल एवं उनकी पत्नी द्वारा पोस्टल बैलेट से मतदान करने के उपरान्त राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री हेमन्त राव ने उसे सत्यापित कर स्पीड पोस्ट से मुंबई उत्तर-पश्चिम लोकसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी को भेज दिया। राज्यपाल ने पोस्टल बैलेट का निर्णय मुंबई हवाई यात्रा के खर्च से बचने तथा मितव्ययता की दृष्टि से लिया है। राज्यपाल को ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। उनके पोस्टल बैलेट के प्रयोग से जहां हवाई यात्रा में श्री नाईक, उनकी पत्नी तथा परिसहाय सहित तीन व्यक्तियों का आने-जाने का लगभग एक लाख सत्ताईस हजार रूपये का टिकट, दो दिन का समय व सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाला व्यय बचेगा तथा वही समय का उपयोग राजभवन में सरकारी कामकाज निपटाने में किया जा सकता है। 

उल्लेखनीय है कि राज्यपाल श्री राम नाईक को 18 अप्रैल, 2019 को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में एहतियात के तौर पर ‘पेसमेकर’ लगाया गया है फिर भी मतदान को अपना दायित्व मानते हुए उन्होंने ससमय पोस्टल बैलेट से मतदान किया। श्री नाईक अपने भाषणों में इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सभी नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें। लोकतंत्र में एक मत का भी बहुत महत्व होता है। मतदान करना राष्ट्रधर्म है क्योंकि मतदान के माध्यम से एक आम नागरिक भी सरकार गठन में सहभागी होता है। उन्होंने समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों से भी यह अपेक्षा की है कि मतदान में लगे अधिकारी और कर्मचारियों को पोस्टल बैलेट से मतदान करने के लिये प्रेरित करें तथा उसकी व्यवस्था भी करें।