गोल्फर ज्योति रंधावा को हाई कोर्ट से राहत नहीं, जमानत टली

बहराइच –  दुधवा टाईगर रिज़र्व के मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि गोल्फर और शूटर ज्योति रंधावा को उच्च न्यायालय से ज़मानत याचिका पर कोई राहत नहीं मिली।  पाण्डेय ने बताया कि  लखनऊ बेंच 6 फरवरी को मामले की सुनवाई हुई। उन्होंने बताया कि इसके उच्च न्यायालय द्वारा दुधवा प्रशासन से इन्स्ट्रक्शन माँगे गये थे जो 05 फरवरी  को दुधवा प्रशासन द्वारा दाखिल कर दिये गये थे। पांडेय ने बताया कि 06 फरवरी को सुनवाई के दौरान  विभाग की तरफ से पेश की गयी सबल पैरवी और बैलिस्टिक रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए जमानत

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February 6, 2019

बहराइच –  दुधवा टाईगर रिज़र्व के मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि गोल्फर और शूटर ज्योति रंधावा को उच्च न्यायालय से ज़मानत याचिका पर कोई राहत नहीं मिली। 

पाण्डेय ने बताया कि  लखनऊ बेंच 6 फरवरी को मामले की सुनवाई हुई। उन्होंने बताया कि इसके उच्च न्यायालय द्वारा दुधवा प्रशासन से इन्स्ट्रक्शन माँगे गये थे जो 05 फरवरी  को दुधवा प्रशासन द्वारा दाखिल कर दिये गये थे।

पांडेय ने बताया कि 06 फरवरी को सुनवाई के दौरान  विभाग की तरफ से पेश की गयी सबल पैरवी और बैलिस्टिक रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए जमानत अगली तारीख तक टाल दी और विभाग को 15 फरवरी तक डिटेल ऐफिडेविट फाइल करने को कहा। 

गौरतबल है कि गोल्फर रंधावा 26 दिसम्बर 2018 को कतर्नियाघाट के मोतीपुर रेंज में जंगल के भीतर विदेशी टेलिस्कोप युक्त बंदूक, वन्य जीव की खाल और मारे गए जंगली मुर्गा के साथ इसुजू वाहन सहित अपने सहयोगी महेश बिराजदर के साथ गिरफ्तार किए गए थे।  पाण्डेय ने बताया कि दुधवा प्रशासन द्वारा किए गए वैज्ञानिक और फोरेंसिक अन्वेषण विशेषकर वन्य जीवों की डबल्यूआईआई तथा आईवीआरआई से करायी गयी डीएनए जाँच, बंदूक की बलिस्टिक रिपोर्ट और जब्त बंदूक की बदली हुयी नली के खुलासा करने से गोल्फर रंधावा को विभिन्न न्यायालयों से अब तक कोई राहत नहीं मिल सकी है। विभाग की और  मामले की  पैरवी की जा रही है।

(रिपोर्ट-अनुराग पाठक,बहराइच)