बैराज में गिरी फिशिंग कैट, वनकर्मियों ने सुरक्षित निकाल जंगल मे छोड़ा

बहराइच–कतर्नियाघाट रेंज के सदर बीट से होकर चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज निकलती है। इस बैराज के गेट में एक फिशिंग कैट शुक्रवार सुबह फंस गया। ग्रामीणों ने तेंदुआ होने की बात कही। वनकर्मी मौके पर पहुंचे। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत सदर बीट के निकट से चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज शाखा निकलती है। इस शाखा में पानी के निकासी के लिए कई फाटक लगे हुए हैं। शुक्रवार सुबह 10 बजे के आसपास एक फिशिंग कैट फाटक में फंस गया। बैराज के कर्मचारियों व ग्रामीणों ने तेंदुए फंसने की शोर मचा दी। सूचना पाकर वन क्षेत्राधिकारी

Written By :

Shweta Singh

Updated

October 19, 2019

बहराइच–कतर्नियाघाट रेंज के सदर बीट से होकर चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज निकलती है। इस बैराज के गेट में एक फिशिंग कैट शुक्रवार सुबह फंस गया। ग्रामीणों ने तेंदुआ होने की बात कही। वनकर्मी मौके पर पहुंचे।

कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत सदर बीट के निकट से चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज शाखा निकलती है। इस शाखा में पानी के निकासी के लिए कई फाटक लगे हुए हैं। शुक्रवार सुबह 10 बजे के आसपास एक फिशिंग कैट फाटक में फंस गया। बैराज के कर्मचारियों व ग्रामीणों ने तेंदुए फंसने की शोर मचा दी। सूचना पाकर वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव दल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पानी के बहाव को बंद करवाते हुए रेस्क्यू करवाया। रेस्क्यू करवाने के बाद जीव को बाहर निकाला गया तो वह फिशिंग कैट था। इस पर उसे महादेवा ताल के निकट बंधे पर छोड़ दिया गया।

वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि फिशिंग कैट फाटक में फंस गया था। उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया गया। तेंदुआ नहीं है। लेकिन फिशिंग कैट भी तेंदुए के आकार का होता है। इस दौरान वन दरोगा अनिल, पयंक पांडेय, यमुना विश्वकर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।

(रिपोर्ट-अनुराग पाठक, बहराइच)