असफलता : 24 घंटे बाद भी महिला की मदद नहीं कर पाई 181

लखनऊ — ‘तलाक की धमकी देकर पति ने पहले घर से निकाला अब बच्चा छीनकर भाग गया है।’ महिला कल्याण विभाग के हेल्पलाइन नंबर-181 पर यह शिकायत कोमल पांडेय ने शुक्रवार को दर्ज करवाई, लेकिन शिकायत के 24 घंटे बाद भी शनिवार तक कोमल को कोई रिस्पांस नहीं मिला तो उन्हें शनिवार को आशियाना स्थित हेल्पलाइन के ऑफिस ‘आशा ज्योति केंद्र’ जाकर दोबारा शिकायत लिखवानी पड़ी।    मोतीनगर निवासी कोमल के मुताबिक उसकी शादी तीन साल पहले महाराजगंज जिले के जलालजोत के दिलीप पांडेय से हुई थी। दोनों के एक बेटा है। बेटे के जन्म के बाद उसे पता चला

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November 20, 2017

लखनऊ — ‘तलाक की धमकी देकर पति ने पहले घर से निकाला अब बच्चा छीनकर भाग गया है।’ महिला कल्याण विभाग के हेल्पलाइन नंबर-181 पर यह शिकायत कोमल पांडेय ने शुक्रवार को दर्ज करवाई, लेकिन शिकायत के 24 घंटे बाद भी शनिवार तक कोमल को कोई रिस्पांस नहीं मिला तो उन्हें शनिवार को आशियाना स्थित हेल्पलाइन के ऑफिस ‘आशा ज्योति केंद्र’ जाकर दोबारा शिकायत लिखवानी पड़ी। 

 

मोतीनगर निवासी कोमल के मुताबिक उसकी शादी तीन साल पहले महाराजगंज जिले के जलालजोत के दिलीप पांडेय से हुई थी। दोनों के एक बेटा है। बेटे के जन्म के बाद उसे पता चला कि दिलीप की एक शादी पहले भी हो चुकी है। इसके बाद घर में कलह होने लगी। विवाद इतना बढ़ गया कि दिलीप ने उसके पिता को बुलाकर इसी महीने की 10 तारीख को उसे घर से निकाल दिया। वह मोतीनगर निवासी अपने पिता के घर आकर रहने लगी। कोमल के पिता राकेश ने बताया कि गुरुवार को दिलीप कोमल को साथ ले जाने के बहाने घर आया, लेकिन बहाने से उनके दो साल के नाती शिवांश को अपने साथ लेकर भाग गया। दिलीप को फोन किया गया तो उसने कहा अब बच्चा वापस नहीं देगा और कोमल को भी साथ नहीं रखेगा, जो करना हो कर लो। कोमल ने बताया कि दिलीप ने अपनी पहली पत्नी को बच्चा न होने के कारण छोड़ दिया था। बच्चा छीनकर अब वह तीसरी शादी करना चाहता है। 

तब एक परिचित ने 181 नंबर पर कॉल करने की सलाह दी। तुरंत मदद मिलने की उम्मीद पर उसने कॉल कर शिकायत की, लेकिन 24 घंटे बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर वह पिता के साथ आशा ज्योति केंद्र पहुंची और फिर शिकायत दर्ज करवाई। आशा ज्योति केंद्र पर कांस्टेबल क्लर्क रेखा यादव ने बताया कि महिला के पति का पता अभी तक ट्रेस नहीं हो पाया है। मामला पहले महाराजगंज स्थित आशा ज्योति केंद्र भेजा जाएगा। उनसे हल नहीं होगा तो पुलिस के माध्यम से संबंधित थाने पर जाएगा। 

181 हेल्पलाइन मुख्यमंत्री का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इसके शुरू होने के समय दावा किया गया था कि यहां कॉल करने वाली पीड़ित महिला तक रेस्क्यू टीम 30 मिनट से एक घंटे के बीच खुद पहुंचेगी और उसकी शिकायत दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।