गुजरात में ‘ओखी’ पड़ा कमजोर तो ‘भूकंप’ ने लगाया जोर

गुजरात — गुजरात में कल मौसम वैज्ञानिकों द्वारा ओखी तूफ़ान के लिए लोगों को सचेत रहने के लिए कहा गया था लेकिन वहां ओखी तो तटीय क्षेत्रों से ही मंद हो गया लेकिन भूकंप के झटकों ने लोगों को सहमने पर मजबूर कर दिया।    गुजरात के राजकोट और रापार में दोहपर के वक्‍त भूकंप के हल्‍के झटके महसूस किए गए। चक्रवात ओखी के दहशत के बीच भूकंप के झटके से लोग सहम गए और घर से बाहर निकल आए। हालांकि भूकंप की तीव्रता कम थी (राजकोट में 3.5 और रापार में 1.8) जिसके चलते किसी तरह के नुकसान होने

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December 6, 2017

गुजरात — गुजरात में कल मौसम वैज्ञानिकों द्वारा ओखी तूफ़ान के लिए लोगों को सचेत रहने के लिए कहा गया था लेकिन वहां ओखी तो तटीय क्षेत्रों से ही मंद हो गया लेकिन भूकंप के झटकों ने लोगों को सहमने पर मजबूर कर दिया। 

 

गुजरात के राजकोट और रापार में दोहपर के वक्‍त भूकंप के हल्‍के झटके महसूस किए गए। चक्रवात ओखी के दहशत के बीच भूकंप के झटके से लोग सहम गए और घर से बाहर निकल आए। हालांकि भूकंप की तीव्रता कम थी (राजकोट में 3.5 और रापार में 1.8) जिसके चलते किसी तरह के नुकसान होने की खबर नहीं है। उल्‍लेखनीय है कि गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव में कुछ ही दिन बाकी हैं ऐसे में पहले तूफान फिर भूकंप के झटकों ने चुनाव प्रचार पर भी खासा असर डाला है।

बता दें कि चक्रवाती तूफान ओखी मंगलवार दोपहर तक मुंबई से दक्षिण-पश्चिम की ओर 670 किलोमीटर की दूरी पर थी। इस बीच एक राहत भरी खबर ये भी है कि साइक्लोन कमजोर पड़ रहा है और जिससे साइक्लोन खत्म होकर डिप्रेशन बन गया है। मौसम विभाग का कहना है कि सूरत पहुंचने से पहले ही ओखी के समंदर में खत्म हो जाने की संभावना है।