…जब डीएम साहब बने टीचर

एटा–उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए जनपद के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए थे वो अपने क्षेत्रों में शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दें और प्राइमरी स्कूलों के शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए स्वयं मासूम छात्रों का परीक्षण करते हुए उनका टेस्ट लेकर शिक्षा के स्तर को अच्छा बनाने की कोशिश की जाए। उसी को लेकर एटा डीएम सुखलाल भारती ने अपने साथ एटा बीएसए मनोज गिरी को लेकर जिले के ब्लॉक सकीट के रिजोर प्राइमरी स्कूल में जाकर ओचक निरीक्षण किया जिसको लेकर कई स्कूलों में अचानक निरीक्षण

Written By :

Shweta Singh

Updated

September 26, 2019

एटा–उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए जनपद के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए थे वो अपने क्षेत्रों में शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दें और प्राइमरी स्कूलों के शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए स्वयं मासूम छात्रों का परीक्षण करते हुए उनका टेस्ट लेकर शिक्षा के स्तर को अच्छा बनाने की कोशिश की जाए।

उसी को लेकर एटा डीएम सुखलाल भारती ने अपने साथ एटा बीएसए मनोज गिरी को लेकर जिले के ब्लॉक सकीट के रिजोर प्राइमरी स्कूल में जाकर ओचक निरीक्षण किया जिसको लेकर कई स्कूलों में अचानक निरीक्षण को लेकर स्कूलों में हड़कम्प मच गया। वही डीएम एटा ने बच्चों को अपने हाथों से जूते मौजे पहनाते हुए अपने सरल स्वभाव का परिचय दिया। वही एटा डीएम सुखलाल भारती यही नही रुके उनकी मन की जिज्ञासा के चलते उन्होंने मासूम छात्रों के सामने चौक लेकर ब्लैक बोर्ड पर पढ़ाते हुए गुरूजी बन गए और बच्चों को गणित के सवाल हल कराते हुए दिखे।

उसके बाद क्लास के अलग,अलग छात्र, छात्राओं से सवाल पूछते हुए सही जवाब देने वाले 2 छात्रों को डीएम ने खुश होकर अपनी जेब से 100-100 रूपये का नकद पुरस्कार देकर पुरुस्कृत किया। वही अब जनपद में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए जिले के बीएसए मनोज गिरी को निर्देश देते हुये लगातार स्कूलों में बीएसए और एबीएसए जाँच कर दौरा करते रहेगें।

डीएम ने ब्लॉक सकीट के रिजोर के गाँव वाहिद बीबीपुर प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक की मिड डे मील में लापरवाही मिलने पर प्रधानाध्यापक को तत्काल मौके पर ही निलंबित कर दिया है। आंगनवाड़ी कार्यकत्री के खिलाफ पोषाहार वितरण में लापरवाही मिलने पर उसे भी कारण बताओ नोटिस देते हुए सेवा समाप्ति के आदेश दिए है और स्कूल में बेहतर पढ़ाने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा और लापरवाह शिक्षकों की शिकायत मिलने पर बक्शा नही जाएगा।

(रिपोर्ट-आर.बी.द्विवेदी, एटा)