डीएम लखनऊ ने शुरू की गोमती नदी को बचाने की कवायद

लखनऊ–लखनऊ की लाइफ लाइन कही जाने वाली गोमती नदी आज बदहाल है पानी जहरीला हो चुका है और नदी नाले के रूप में तब्दील नजर रही है। ऐसा नही है कि गोमती को बचाने के प्रयास नही किये गये तमाम योजनाएं बनी और हज़ारों करोड़ के वारे न्यारे भी हो गये लेकिन गोमती की सूरत नही बदली। एक बार फिर लखनऊ के नवागत डीएम ने गोमती को बचाने की कवायद शुरू की है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश द्वारा जिला पर्यावरण समिति की बैठक आहूत की गई। जिसमें मुख्य विकास अधिकारी श्री मनीष बंसल, डॉ रवि कुमार सिंह प्रभागीय

Written By :

Shweta Singh

Updated

November 21, 2019

लखनऊ–लखनऊ की लाइफ लाइन कही जाने वाली गोमती नदी आज बदहाल है पानी जहरीला हो चुका है और नदी नाले के रूप में तब्दील नजर रही है। ऐसा नही है कि गोमती को बचाने के प्रयास नही किये गये तमाम योजनाएं बनी और हज़ारों करोड़ के वारे न्यारे भी हो गये लेकिन गोमती की सूरत नही बदली।

एक बार फिर लखनऊ के नवागत डीएम ने गोमती को बचाने की कवायद शुरू की है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश द्वारा जिला पर्यावरण समिति की बैठक आहूत की गई।

जिसमें मुख्य विकास अधिकारी श्री मनीष बंसल, डॉ रवि कुमार सिंह प्रभागीय वन अधिकारी अवध वन प्रभाग, लखनऊ विकास प्राधिकरण, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, कृषि विभाग, जिला आपूर्ति विभाग आदि के अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस बैठक में मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी शासनादेश दिनांक 14 जून 2019 के क्रम में लखनऊ जनपद से संबंधित गोमती नदी को प्रदूषण मुक्त करने हेतु विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक का संचालन डॉ रवि कुमार सिंह प्रभागीय वन अधिकारी अवध वन प्रभाग लखनऊ द्वारा किया गया। जिलाधिकारी लखनऊ द्वारा गोमती नदी में गिर रहे 30 नालों पर वारमैश व जाली लगाने हेतु नगर आयुक्त को निर्देश दिए गए।