डीएम ने ही खोल दी नहर विभाग की यह पोल…

हरदोई– जिले में सिचाई विभाग नहर से टेल तक पानी पहुंचाने का दावा करता है लेकिन यह दावे हकीकत से कोसों दूर कागजी ही नजर आते हैं। इन कागजी दावों की पोल किसी और ने नहीं खुद हरदोई के जिलाधिकारी ने खोली है। जब उन्होंने नहर विभाग के नहरों से टेल में पानी आने के नहर विभाग के कागजो पर भेजी गई सूचना का सत्यापन किया तो नहर विभाग के कागजी कामो और दावों की पोल खुल गई। सरकार दावा करती है कि किसानों के लिए सिंचाई की सुविधा वह मुफ्त में उपलब्ध कराती है। सिचाई विभाग के इन सरकारी दावों की

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February 15, 2018

हरदोई– जिले में सिचाई विभाग नहर से टेल तक पानी पहुंचाने का दावा करता है लेकिन यह दावे हकीकत से कोसों दूर कागजी ही नजर आते हैं। इन कागजी दावों की पोल किसी और ने नहीं खुद हरदोई के जिलाधिकारी ने खोली है।

जब उन्होंने नहर विभाग के नहरों से टेल में पानी आने के नहर विभाग के कागजो पर भेजी गई सूचना का सत्यापन किया तो नहर विभाग के कागजी कामो और दावों की पोल खुल गई। सरकार दावा करती है कि किसानों के लिए सिंचाई की सुविधा वह मुफ्त में उपलब्ध कराती है। सिचाई विभाग के इन सरकारी दावों की पोल पट्टी तब खुली जब शारदा नहर के अधिशासी अभियंता ने 123 माइनरों रजवाहों की सूची जिला अधिकारी को यह कहकर भेजी कि इनमें नहर से टेल तक गावों में किसानो को सिंचाई के लिए पानी पहुंचा दिया गया है।

जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग की सूची में से कुछ माइनरों और रजवाहों में पानी होने की पुष्टि के लिए उस इलाके के प्रधानों और ग्रामीणों से बात की तो पता चला कि कई जगहों पर एक साल से लेकर 10 और 15 साल तक हो चुके हैं लेकिन पानी नहीं आया।

कई जगह तो पानी ना आने के कारण माइनर तक पाट भी दिए गए हैं। नहर विभाग की इस कागजी सूची में दावे के विपरीत कई जगहों पर पानी ना आने की जानकारी के बाद जिलाधिकारी ने पूरे मामले में सख्त रुख अपनाते हुये अधिशासी अभियंता से 3 दिन के अंदर फर्जी रिपोर्टिंग और भ्रामक आख्या प्रस्तुत करने पर जवाब मांगा है। नहर विभाग के किसानो को सिचाई सुविधा के लिए माइनरों और रजबहों में पानी आने के का दावा कितना सच है यह तस्वीरें ककेड़ी माइनर की है जो पिछले दस सालो से ऐसे ही सूखा पड़ा है। 

(रिपोर्ट – सुनील अर्कवंशी , हरदोई )