जिलाधिकारी के प्रयास से 14 माह की सुनीता को मिला नवजीवन

बहराइच–तहसील महसी अन्तर्गत ग्राम कोटिया मैकूपुरवा निवासी गरीब परिवार चन्दर निषाद के घर लगभग 14 माह पूर्व बालिका का जन्म हुआ। परिवार अभी बेटी की जन्म की खुशियाॅ ठीक से मना भी नहीं पाया था कि परिवार के लोग यह जानकर अत्यन्त दुखी हुए कि नवजात बच्ची सुनीता के शरीर में मल त्यागने का द्वार ही बन्द है और बच्ची के दाहिने हाथ का अंगूठा भी नहीं है। बच्ची में शारीरिक अक्षमता को देख कर पिता चन्दर निषाद के साथ माता रेखा देवी काफी उदास हुए। खेत खलिहान में मज़दूरी करके जीवकोपार्जन करने वाला परिवार अपने स्तर से बच्ची के

Written By :

Shweta Singh

Updated

November 18, 2019

बहराइच–तहसील महसी अन्तर्गत ग्राम कोटिया मैकूपुरवा निवासी गरीब परिवार चन्दर निषाद के घर लगभग 14 माह पूर्व बालिका का जन्म हुआ।

परिवार अभी बेटी की जन्म की खुशियाॅ ठीक से मना भी नहीं पाया था कि परिवार के लोग यह जानकर अत्यन्त दुखी हुए कि नवजात बच्ची सुनीता के शरीर में मल त्यागने का द्वार ही बन्द है और बच्ची के दाहिने हाथ का अंगूठा भी नहीं है। बच्ची में शारीरिक अक्षमता को देख कर पिता चन्दर निषाद के साथ माता रेखा देवी काफी उदास हुए। खेत खलिहान में मज़दूरी करके जीवकोपार्जन करने वाला परिवार अपने स्तर से बच्ची के इलाज का प्रयास करता रहा और इस प्रयास में लगभग 14 माह का अरसा गुज़र गया।

बच्ची के इलाज के लिए अपने स्तर से प्रयास करने वाले परिवार को एक क्षेत्रीय नेक आदमी सुधाकर मिश्रा 01 नवम्बर 2019 को जिलाधिकारी के जनता दर्शन में लेकर आये और बच्ची के बारे में पूरी जानकारी प्रदान की। जिलाधिकारी श्री कुमार ने बच्ची के माता-पिता को आश्वस्त किया कि सुनीता के इलाज का सम्पूर्ण खर्च वह स्वयं उठायेंगे। इलाज के लिए यदि आवश्यकता पड़ी तो बच्ची का इलाज लखनऊ अथवा दिल्ली के नामचीन चिकित्सा संस्थान में भी कराया जायेगा।

(रिपोर्ट-अनुराग पाठक, बहराइच)