Delhi Acid Attack: दिल्ली एसिड हमले में चौंकाने वाला खुलासा, छात्रा के पिता ने ही रची थी साजिश

Delhi Acid Attack: दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा पर एसिड अटैक मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। हमले का सच सामने आया तो पूरी कहानी ही पलट गई। अब पीड़िता के पिता अकील खान को मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में एसिड अटैक का मामला फर्जी पाया गया है। नया खुलासा यह है कि जिस लड़की ने दावा किया था कि उस पर एसिड अटैक हुआ है, उसने ही पूरी घटना की साजिश रची थी। उसके पिता, चाचा और भाई भी इस साजिश में शामिल थे। फिलहाल आरोपी को क्लीन चिट दे दी गई

Written By :

SK Sharma

Updated

October 28, 2025

Delhi student acid attack

Delhi Acid Attack: दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा पर एसिड अटैक मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। हमले का सच सामने आया तो पूरी कहानी ही पलट गई। अब पीड़िता के पिता अकील खान को मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में एसिड अटैक का मामला फर्जी पाया गया है। नया खुलासा यह है कि जिस लड़की ने दावा किया था कि उस पर एसिड अटैक हुआ है, उसने ही पूरी घटना की साजिश रची थी। उसके पिता, चाचा और भाई भी इस साजिश में शामिल थे। फिलहाल आरोपी को क्लीन चिट दे दी गई है।

Delhi Acid Attack: पिता का चौंकाने वाला खुलासा

दरअसल मंगोलपुरी में आरोप लगाने वाली लड़की और निर्दोष पाए गए व्यक्ति के परिवारों में संपत्ति का विवाद चल रहा था। पुलिस पूछताछ में लड़की के पिता अकील खान ने एक चौंकाने वाला सच उगला। उसने बताया कि उसकी बेटी पर किसी ने हमला नहीं किया था, बल्कि उसने जितेंद्र नाम के एक युवक को फंसाने के लिए पूरी कहानी गढ़ी थी। क्योंकि अकील का जितेंद्र से लंबे समय से अनबन चल रही थी और जितेंद्र की पत्नी से भी उसकी नहीं बनती थी। इसलिए उसने जितेंद्र की पूरी टोली को बदनाम करने की साजिश में दो युवकों ईशान और अरमान को भी शामिल किया।

अकील खान ने खुद कबूल किया कि एसिड अटैक हुआ ही नहीं था। जिस तरल पदार्थ को एसिड बताया जा रहा था, वह साधारण टॉयलेट क्लीनर था। छात्रा के कपड़ों पर लगे दाग और दुर्गंध की लैब में जांच की गई, तो रिपोर्ट ने पिता की झूठी कहानी का पर्दाफाश कर दिया।

छात्रा ने लगाए थे गंभीर आरोप

बता दें कि 20 वर्षीय छात्रा ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि कॉलेज जाते समय मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने उस पर एसिड फेंका। उसने जितेंद्र, ईशान और अरमान का नाम लिया। छात्रा ने दावा किया कि जितेंद्र उसे लंबे समय से परेशान और धमका रहा था। इस घटना में छात्रा का चेहरा आंशिक रूप से झुलस गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सहानुभूति जताई। इसके बाद लड़की ने एफआईआर में तीन ऐसे लोगों के नाम भी दर्ज कराए थे जो घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे। पुलिस ने बताया कि निर्दोष व्यक्ति को बचा लिया।

आरोपी को दी गई क्लीन चीट

इससे पहले, तेज़ाब हमले के आरोपी व्यक्ति का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, जो उसकी बेगुनाही का सबसे बड़ा सबूत साबित हुआ। सीसीटीवी फुटेज में घटना के समय मुख्य आरोपी करोल बाग इलाके में दिखाई दे रहा था। अपनी शिकायत में, महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी तेजाब हमले में शामिल था। पुलिस पूछताछ के दौरान, आरोपी ने दावा किया कि वह घटनास्थल पर मौजूद नहीं था और काम के सिलसिले में करोल बाग में था। बाद में पुलिस ने करोल बाग के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें घटना के समय वह वहां बाइक चलाते हुए दिखाई दिया।

इस फुटेज के आधार पर पुलिस ने एसिड अटैक मामले के कथित मुख्य आरोपी को क्लीन चिट दे दी। इस मामले में आरोपियों को क्लीन चिट मिलने के बाद, स्पेशल सीपी, लॉ एंड ऑर्डर (दिल्ली पुलिस), रवींद्र सिंह यादव ने कहा कि तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय निवासियों की गवाही से पता चला है कि मुख्य आरोपी निर्दोष है। अन्य आरोपी भी निर्दोष थे।


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