कोर्ट ने 24 लोगों को दी आजीवन कारावास की सजा, किया था ये घिनौना काम…

पंचायत चुनाव बाधित करने के लिए हत्या, बलवा व मतपेटी लूटने आदि मामलों मेें अपर सत्र न्यायाधीश ने बुधवार को 20 साल बाद भरी अदालत (कोर्ट ) मेें ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 30 अभियुक्तों को सश्रम

Written By :

SK Sharma

Updated

February 11, 2021

पंचायत चुनाव बाधित करने के लिए हत्या, बलवा व मतपेटी लूटने आदि मामलों मेें अपर सत्र न्यायाधीश ने बुधवार को 20 साल बाद भरी अदालत (कोर्ट ) मेें ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 30 अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

मुकदमे के दौरान छह अभियुक्तों की मौत हो जाने से उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही उपशमित कर दी गई। इसके अलावा 19 – 19 हजार के जुर्माना की सजा सुनाई है।

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14 जून 2000 को हुई थी घटना

बता दें कि यूपी के बहराइच जिले में विशेश्वरगंज थाने के डोलकुंआ में ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर 14 जून 2000 को मतदान हो रहा था। प्राथमिक पाठशाला पश्चिमी स्थित मतदान केन्द्र पर मतदान चल रहा था। दोपहर 11 बजे असलहों से लैस ढाई दर्ज से अधिक हमलावरों ने गोलियां चलाई और बम दागे।

जिसके चलते डोलकुंआ के मजरे हरैया निवासी रमेश कुमार पुत्र दूधनाथ के सीने में गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 10 अन्य लोग गोली व बम के छर्रे लगने से घायल हो गये। मतदान केन्द्र पर अफरा तफरी मच गई थी।

इन धाराओं में दर्ज हुआ था मामला

इस मामले में डोलकुंआ के मजरे हरैया निवासी कौशल किशोर ने ग्राम के ही जगत नारायण, गजेन्द्र नाथ, सुरेन्द्र नाथ समेत तीस लोगों के खिलाफ के विरूद्ध बलवा, मारपीट, हत्या, हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने इस मामले में नामजदों की गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू किया।

तहकीकात के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। जिस पर इस मामले में विचारण शुरू हुआ। कोर्ट ने गवाहों के बयान सुने। कोर्ट में विचारण के दौरान जगत नारायण, राम भुलावन, महेश चंद्र, शेषधर, राधेश्याम, सोहराब अली की मौत हो चुकी है।

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(रिपोर्ट- अनुराग पाठक, बहराइच)