Corona: महामारी काल में भीगा सैकड़ो बोरा गेहूं…

बुलंदशहर में 15 अप्रैल से गेहूं की खरीद चल रही है। केंद्र पर गेहूं रखरखाव के माकूल इंतज़ाम होने चाहिए लेकिन बुलंदशहर में ऐसा नहीं था। नतीजतन केंद्र पर रखा गेहूं (wheat ) बारिश में भीग गया। भीगे गेहूं...

Written By :

SK Sharma

Updated

April 23, 2020

यूपी के बुलंदशहर में गेहूं (wheat ) खरीद केंद्रों पर 400 बोरा गेहूं सरकारी सिस्टम की बदइंतजामी की भेंट चढ़ गया। बुलंदशहर नवीन मंडी स्थित क्रय केंद्र पर खुले आसमान के नीचे रखे गेहूं के 400 बोरे भीग गए। वहीं तेज बारिश से गेहूं औए सरसों की फसल को भी नुकसान बताया जा रहा है।

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दरअसल महामारी के दौर में गेहूं (wheat ) भीगने की जो तस्वीर आप देख रहे हैं वह यूपी के बुलंदशहर की है। बुलंदशहर की नवीन मंडी स्थित क्रय केंद्र पर अचानक आयी बारिश से भारी मात्रा में गेहूं भीग गया।

करीब 400 बोरा भीगा गेहूं ..

बता दें कि बुलंदशहर में 15 अप्रैल से गेहूं की खरीद चल रही है। केंद्र पर गेहूं रखरखाव के माकूल इंतज़ाम होने चाहिए लेकिन बुलंदशहर में ऐसा नहीं था। नतीजतन केंद्र पर रखा गेहूं (wheat ) बारिश में भीग गया। भीगे गेहूं के बोरो की संख्या 400 बताई जा रही है। मिनी ट्रक में लदा गेहूं भी भीग गया है। वहीं, बारिश में गेहूं और सरसों की फसल भीगने से किसानों की पेशानी पर चिंता की लकीरें खिंच गई।

बारिश से हुआ फसलों को नुकसान…

बताया गया है कि तेज बारिश से किसानों को थ्रेशिंग मशीन के पहियों को रोकना पड़ा। खेतों में कटी हुई फसल और भूसा बारिश में भीगने से उसकी गुणवत्ता पर भी सीधा असर पड़ेगा। किसान के मुताबिक गेहूं की खड़ी और कटी दोनों फसलों को नुकसान है। लेकिन जो खेतों में कटी हुई गेहूं की फसल पड़ी हुई है, उसको ज्यादा नुकसान है।

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