एससी-एसटी एक्ट के तहत यूपी के 74 जिलों में विशेष अदालतों का गठन

लखनऊ–एससी-एसटी एक्ट-1989 के तहत 74 जिलों में विशेष अदालतों के गठन का निर्णय लिया गया है। राज्यपाल और इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की सहमति से यह गठन होगा। एससी-एसटी (अत्यातार निवारण) एक्ट-1989 के तहत राज्यपाल और इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की सहमति से यूपी सरकार ने 65 जिलों में विशेष अदालतों का गठन करने का फैसला किया है।  जबकि नौ जिलों में स्थापित सत्र अदालतों को ही विशेष अदालत के अधिकार दे दिए हैं। यूपी सरकार के प्रमुख सचिव न्याय दिनेश कुमार सिंह द्वितीय द्वारा सोमवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के

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April 30, 2019

लखनऊ–एससी-एसटी एक्ट-1989 के तहत 74 जिलों में विशेष अदालतों के गठन का निर्णय लिया गया है। राज्यपाल और इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की सहमति से यह गठन होगा।

एससी-एसटी (अत्यातार निवारण) एक्ट-1989 के तहत राज्यपाल और इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की सहमति से यूपी सरकार ने 65 जिलों में विशेष अदालतों का गठन करने का फैसला किया है। 

जबकि नौ जिलों में स्थापित सत्र अदालतों को ही विशेष अदालत के अधिकार दे दिए हैं। यूपी सरकार के प्रमुख सचिव न्याय दिनेश कुमार सिंह द्वितीय द्वारा सोमवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के अनुसार लखनऊ, अलीगढ़, मथुरा, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, रायबरेली, इटावा, कानपुर नगर, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी, अयोध्या, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, मिर्जापुर, सुल्तानपुर, मैनपुरी, गौतमबुद्धनगर, बागपत और बरेली सहित कुल 65 जिलों में विशेष अदालतों का अलग से गठन करने का फैसला किया गया है। जबकि नौ जिलों में सत्र अदालतों को ही विशेष अदालत के अधिकार दे दिए हैं। इन नौ जिलों में भदोही, बिजनौर, हापुड़, महराजगंज, महोबा, रामपुर, सहारनपुर, संभल और शामली शामिल हैं।