निजी विद्यालयों को टक्कर देने का ख्वाब संजोये सरकारी स्कूलों पर आई आपदा

फर्रूखाबाद– उत्तर प्रदेश में निजी विद्यालयों को टक्कर देने का ख्वाब पाले सरकारी स्कूलों की दशा सुधरने से उबर नहीं पा रहे हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है लाखों की रूपये की लागत से बनी सरकारी विद्यालय की इमारत गंगा के पानी में समा सकती है।  लेकिन प्रशासन को इस बात की खबर तक नहीं है ।प्रदेश का बेसिक शिक्षा विभाग ने घर के आसपास जूनियर स्तर की शिक्षा मुहैया कराने के लिए जगह-जगह प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय खोल रखे हैं। इनमें ज्यादा से ज्यादा बच्चों का नामांकन कराने के लिए तमाम प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराई जा

Written By :

admin

Updated

June 17, 2019

फर्रूखाबाद– उत्तर प्रदेश में निजी विद्यालयों को टक्कर देने का ख्वाब पाले सरकारी स्कूलों की दशा सुधरने से उबर नहीं पा रहे हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है लाखों की रूपये की लागत से बनी सरकारी विद्यालय की इमारत गंगा के पानी में समा सकती है। 

लेकिन प्रशासन को इस बात की खबर तक नहीं है ।प्रदेश का बेसिक शिक्षा विभाग ने घर के आसपास जूनियर स्तर की शिक्षा मुहैया कराने के लिए जगह-जगह प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय खोल रखे हैं। इनमें ज्यादा से ज्यादा बच्चों का नामांकन कराने के लिए तमाम प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। बच्चों को मध्याह्तर में जहां पका पकाया भोजन, पहनने के लिए यूनिफार्म, जूता व सर्दियों में स्वेटर वितरित किए जाते हैं। स्कूलों की इमारत के लिए लाखो रूपये दिए जाते है ।जिसके बाद अफसर अनजान बन कर रहे है।विकास खंड राजेपुर के का गाँव तीस राम की मढैया दशकों से गंगा के कोप को झेलता चला आ रहा है।

सरकार के पास गंगा में आने वाली बाढ़ से बचाने के लिए बजट भी जारी होता है। बांस बल्ली लगा कर दिखावा कर दिया जाता है ।इसके बाद वह विकास केबल कागजों में ही रह जाता है। फ़िलहाल गंगा किसी तरह प्राथमिक विद्यालय को अपनी जद में लेने को आतुर दिख रही है यहां की  तस्वीरें हकीकत खुद वया कर रही है । यदि जल्दी कोई कार्यवाही ना हुई तो विद्यालय गंगा की गोद में समा सकता है।

(रिपोर्ट-दिलीप कटियार, फर्रूखाबाद)