सीएम योगी ने गंगा यात्रा को दिखाई हरी झंडी

लखनऊ — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने गुरुवार को लखनऊ में 5-कालीदास मार्ग स्थित अपने आवास पर 27 से 31 जनवरी तक निकलने वाली गंगा यात्रा के रथ को हरी झंडी दिखाई और थीम सॉन्ग लॉन्च किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गंगा नदी का सबसे बड़ा हिस्सा यूपी से होकर गुजरता है। इस नाते इसकी अविरलता व निर्मलता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी उत्तर प्रदेश की ही है। उन्होंने कहा कि गंगा यात्रा इसलिए निकाली जा रही है क्योंकि यह आस्था ही नहीं अर्थव्यवस्था का विषय है। जनता को इसके जरिए स्वच्छता के प्रति जागरूक

Written By :

SK Sharma

Updated

January 23, 2020

लखनऊ — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने गुरुवार को लखनऊ में 5-कालीदास मार्ग स्थित अपने आवास पर 27 से 31 जनवरी तक निकलने वाली गंगा यात्रा के रथ को हरी झंडी दिखाई और थीम सॉन्ग लॉन्च किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गंगा नदी का सबसे बड़ा हिस्सा यूपी से होकर गुजरता है। इस नाते इसकी अविरलता व निर्मलता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी उत्तर प्रदेश की ही है। उन्होंने कहा कि गंगा यात्रा इसलिए निकाली जा रही है क्योंकि यह आस्था ही नहीं अर्थव्यवस्था का विषय है। जनता को इसके जरिए स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।

वहीं गंगा यात्रा के रथों को हरी झंडी दिखा कर रवाना करते हुए कहा कि यूपी में गंगा बिजनौर से प्रवेश करती हैं। इसलिए वह स्वयं 27 जनवरी को गंगा यात्रा के यहां से शुभारंभ के मौके पर रहेंगे। साथ ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत रहेंगे। दूसरी गंगा यात्रा बलिया से शुरू होगी। यहां से गंगा बिहार में प्रवेश करती है। इसलिए इस मौके पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी रहेंगे। दोनों यात्रा रथ 31 जनवरी को कानपुर पहुंचेंगे। कानपुर में ही दोनों यात्राओं का समापन होगा।

Ganga Yatra Rath : सीएम योगी ने गंगा यात्रा रथ को दिखाई हरी झंडी

उन्होंने कहा, “सरकार ने यह तय किया है कि गंगा यात्रा जिन जिलों से निकलेगी, वहां के 21 नगर निकायों एवं 1,038 ग्राम पंचायतों में आने वाले समय में जैविक खेती होगी। गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में गंगा पार्क, गंगा तालाब और गंगा मैदान का निर्माण किया जाएगा। इसी कारण गंगा में हमारी आस्था के साथ ही अर्थव्यवस्था को भी देखा जा रहा है।”

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “मां गंगा देश के पांच राज्यों में 2,525 कि.मी़ की यात्रा तय करती है। इसमें गंगा सबसे ज्यादा 1,025 कि.मी़ की दूरी उत्तर प्रदेश में तय करती है। इसलिए स्वाभाविक रूप से इसकी स्वच्छता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी हम सबकी है, जिसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश के अंदर मां गंगा की अविरलता एवं निर्मलता के लिए कई कदम उठाए हैं।”