इलाहाबाद के बाद अब बस्ती जिले का नाम बदलने की तैयारी में योगी सरकार

बस्ती — उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनते ही प्रदेश में जिलों के नाम बदलने का शुरु हुआ दौर अभी तक जारी है। फैजाबाद और इलाहाबाद के बाद अब बस्ती जिले का नाम बदला जा सकता है।बताया जा रहा है कि बस्ती का नाम बदलकर वशिष्ठ नगर करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। इस बाबत जिला प्रशासन ने सरकार को एक रिपोर्ट भी भेजी है। दरअसल जिलाधिकारी निरंजन ने बताया कि बस्ती जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव राजस्व बोर्ड को भेजा गया है। नाम बदलने पर 1 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। 28 नवंबर को जिले

Written By :

SK Sharma

Updated

February 8, 2020

बस्ती — उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनते ही प्रदेश में जिलों के नाम बदलने का शुरु हुआ दौर अभी तक जारी है। फैजाबाद और इलाहाबाद के बाद अब बस्ती जिले का नाम बदला जा सकता है।बताया जा रहा है कि बस्ती का नाम बदलकर वशिष्ठ नगर करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। इस बाबत जिला प्रशासन ने सरकार को एक रिपोर्ट भी भेजी है।

दरअसल जिलाधिकारी निरंजन ने बताया कि बस्ती जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव राजस्व बोर्ड को भेजा गया है। नाम बदलने पर 1 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। 28 नवंबर को जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव राजस्व बोर्ड को भेजा गया था। उसके बाद बोर्ड ने नाम बदले जाने पर होने वाले खर्च के बारे में पूछा था। बस्ती जिले का नाम बदलकर वशिष्ठ नगर या वशिष्ठी करने के प्रस्ताव पर शासन स्तर पर मंथन अंतिम दौर में है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने यह रिपोर्ट भेजी है।

बता दें कि इससे पहले योगी सरकार मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय कर चुकी है। सरकार ने इलाहाबाद जिले का नाम बदलकर प्रयागराज किया था। फैजाबाद का नाम अयोध्या रखा गया है। यही नहीं बस्ती मेडिकल कॉलेज का नाम भी महर्षि वशिष्ठ के नाम पर रखने का ऐलान किया था। महर्षि वशिष्ठ भगवान राम के गुरू थे।