BRICS Summit 2024 : पीएम मोदी ने कहा- आतंकवाद पर दोहरे मापदंड की कोई जगह नहीं

BRICS Summit 2024 : रूस के कज़ान में ब्रिक्स (BRICS) का 16वां शिखर सम्मेलन चल रहा है। जिसमें भाग लेने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के कज़ान पहुंचे हैं। वहीं आज यानी 23 अक्टूबर को 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सभी सदस्य और साझेदार देशों को उन मार्गदर्शक सिद्धांतों, मानकों, मानदंडों और प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए जिन्हें हमने जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन में अपनाया था। पीएम मोदी बोले – युद्ध के नहीं, हम संवाद के समर्थक हैं पीएम मोदी ने कहा कि हमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसी वैश्विक

Written By :

SK Sharma

Updated

October 23, 2024

BRICS Summit 2024 : रूस के कज़ान में ब्रिक्स (BRICS) का 16वां शिखर सम्मेलन चल रहा है। जिसमें भाग लेने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के कज़ान पहुंचे हैं। वहीं आज यानी 23 अक्टूबर को 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सभी सदस्य और साझेदार देशों को उन मार्गदर्शक सिद्धांतों, मानकों, मानदंडों और प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए जिन्हें हमने जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन में अपनाया था।

पीएम मोदी बोले – युद्ध के नहीं, हम संवाद के समर्थक हैं

पीएम मोदी ने कहा कि हमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसी वैश्विक संस्थाओं में सुधार के लिए समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘ब्रिक्स देशों को आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ना होगा। ‘आतंकवाद पर दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं है। इससे निपटने के लिए सभी ब्रिक्स देशों को आगे आना होगा।

पीएम ने कहा कि हम युद्ध का नहीं, संवाद और कूटनीति का समर्थन करते हैं और जिस तरह हमने मिलकर कोविड जैसी चुनौती को हराया, उसी तरह हम आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित, मजबूत और समृद्ध भविष्य के लिए नए अवसर पैदा करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का संबोधन

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया उथल-पुथल के नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। हमें सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण ब्रिक्स का निर्माण करना चाहिए। हमें गाजा और लेबनान संकट पर संघर्ष विराम के लिए प्रयास करना चाहिए। यूक्रेन की स्थिति के बारे में उन्होंने कहा, हमें जल्द से जल्द स्थिति को शांत करने की कोशिश करनी चाहिए। जिनपिंग ने कहा, हमें वित्तीय और आर्थिक सहयोग को गहरा करने की कोशिश करनी चाहिए। हमें वैश्विक दक्षिण के देशों की आवाज को आगे बढ़ाने की जरूरत है।


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