केरल के इस प्रसिद्ध मुस्लिम कॉलेज में बुर्के पर लगा प्रतिबंध

न्यूज डेस्क — एक ओर जहां देश भर में बुर्का पर बहस चल रही है वहीं केरल के एक मुस्लिम कॉलेज ने गुरुवार को बुर्के पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बता दें कि मल्लापुरम में एक अल्पसंख्यक कॉलेज में बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया है।कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं से कहा कि वह कॉलेज में बुर्का पहनकर न आएं। गौरतलब है कि हालही में शिवसेना ने अपने निजी अखबार सामना में आलेख लिखकर कहा कि था कि अगर रावण की लंका में बुर्का पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है तो राम की अयोध्या में ऐसा क्यों नहीं हो सकता

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May 2, 2019

न्यूज डेस्क — एक ओर जहां देश भर में बुर्का पर बहस चल रही है वहीं केरल के एक मुस्लिम कॉलेज ने गुरुवार को बुर्के पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

बता दें कि मल्लापुरम में एक अल्पसंख्यक कॉलेज में बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया है।कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं से कहा कि वह कॉलेज में बुर्का पहनकर न आएं।

गौरतलब है कि हालही में शिवसेना ने अपने निजी अखबार सामना में आलेख लिखकर कहा कि था कि अगर रावण की लंका में बुर्का पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है तो राम की अयोध्या में ऐसा क्यों नहीं हो सकता है? इसके बाद देश भर में बुर्का पर चर्चा होने लगी।

इस पर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शिवसेना की मांग की आलोचना करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे की नेतृत्व वाली पार्टी को यह पता होना चाहिए कि भारतीय संविधान के अनुसार सबको अपनी पसंद की चीजें चुनने का अधिकार है। उन्होंने कहा ‘शिवसेना के अनजान लोगों को मैं बताना चाहूंगा कि देश में पसंद एक मूलभूत अधिकार है।’ आगे उन्होंने कहा कि यह आलेख समाज को बांटने और ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रहा है।