विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र की समाप्ति पर सदन के सदस्यों को दिया धन्यवाद

लखनऊ–उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने आज सत्र की समाप्ति पर सदन के मा0 सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सभी दलीय नेताओं और मा0 सदस्यों ने सारगर्भित चर्चा में भाग लिया। कार्यवाही की गुणवत्ता की प्रशंसा करते हुए श्री अध्यक्ष ने कहा कि कार्यवाही में समयावधि ही महत्वपूर्ण नहीं होती है, बहस की गुणवत्ता और मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श की महत्ता से ही कार्यवाही का मूल्यांकन किया जाना चाहिए। दीक्षित ने कहा कि विधान सभा की कार्यवाही 13.02.2020 से प्रारम्भ हुई और दिनांक-28.02.2020 तक चली। 16 दिनों के सत्र में कुल 10 दिन सदन

Written By :

Shweta Singh

Updated

February 29, 2020

लखनऊ–उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने आज सत्र की समाप्ति पर सदन के मा0 सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सभी दलीय नेताओं और मा0 सदस्यों ने सारगर्भित चर्चा में भाग लिया।

कार्यवाही की गुणवत्ता की प्रशंसा करते हुए श्री अध्यक्ष ने कहा कि कार्यवाही में समयावधि ही महत्वपूर्ण नहीं होती है, बहस की गुणवत्ता और मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श की महत्ता से ही कार्यवाही का मूल्यांकन किया जाना चाहिए। दीक्षित ने कहा कि विधान सभा की कार्यवाही 13.02.2020 से प्रारम्भ हुई और दिनांक-28.02.2020 तक चली। 16 दिनों के सत्र में कुल 10 दिन सदन की बैठके हुई। जिसमें कुल 61 घण्टे 41 मिनट चल सदन की कार्यवाही चली।

10 दिन के उपवेशनों में अल्पसूचित प्रश्न-142, तारांकित प्रश्न-1066, अतरांकित प्रश्न-1091 प्राप्त हुए। इनमें कुछ 584 प्रश्न उत्तरित हुए। नियम-301 की कुल 413 सूचनाएं प्राप्त हुई जिनमें से 259 स्वीकृत हुई। नियम-51 के अन्तर्गत 632 सूचनाएं प्राप्त हुई जिनमें 80 सूचनाएं स्वीकृत हुई और 375 सूचनाओं पर ध्यानाकर्षण किया गया। नियम-56 के अन्तर्गत 78 सूचनाएं प्राप्त हुई जिनमें 22 सूचनाएं ग्राह्यता हेतु सुनी गयी और 34 पर ध्यानाकर्षण हुआ और अन्य सूचनाओं को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु सरकार को प्रेषित किया गया।

इस सत्र में 1416 याचिकाएं प्राप्त हुई जिनमें से 1259 ग्राह्य होकर सदन में प्रस्तुत की गयी। श्री अध्यक्ष ने कहा कि राज्यपाल अभिभाषण पर मा0 मुख्यमंत्री मा0 नेता प्रतिपक्ष एवं दलीय नेताओं समेत 68 सदस्यों ने भाग लिया। वित्तीय वर्ष 2020-21 की बजट चर्चा में मा0 मुख्यमंत्री, मा0 नेता प्रतिपक्ष एवं दलीय नेताओं सहित 70 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस बजट में कुल 11 विधेयक पारित किए गये।