ग्रहण के बाद श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

वाराणसी  — गंगा तट आज भक्तो से पटा हुआ था मौका था चंद्रग्रहण के दौरान और उसके बाद की। घाट पर भक्तों का ताता ग्रहण शुरू होने के साथ शुरू हो गया जो मोक्ष काल तक जमी रही। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जहां हरि सुमिरन करते नजर आये तो वहीं कुछ अपने गुरु मंत्र का जाप करते रहे। बनारस के लगभग सभी घाट भीड़ से पटे दिखे , हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु चंद्र ग्रहण के बाद आस्था की डुबकी लगाई । चंद्र ग्रहण के कारण सुबह से बंद मठ और मंदिरों के खुलते ही श्रद्धालुओं का ताता लग

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February 1, 2018

वाराणसी  — गंगा तट आज भक्तो से पटा हुआ था मौका था चंद्रग्रहण के दौरान और उसके बाद की। घाट पर भक्तों का ताता ग्रहण शुरू होने के साथ शुरू हो गया जो मोक्ष काल तक जमी रही। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जहां हरि सुमिरन करते नजर आये तो वहीं कुछ अपने गुरु मंत्र का जाप करते रहे।

बनारस के लगभग सभी घाट भीड़ से पटे दिखे , हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु चंद्र ग्रहण के बाद आस्था की डुबकी लगाई । चंद्र ग्रहण के कारण सुबह से बंद मठ और मंदिरों के खुलते ही श्रद्धालुओं का ताता लग गया | श्रद्धालु  ग्रहण काल में भागवत आराधना जप और हवन करते दिखे। स्वामी अविमुक्तेश्वर नंद सरस्वती की माने तो ग्रहण काल से समाप्ति तक अपने गुरु के द्वारा दिए हुए मन्त्र का जाप करते हुए माँ गंगा का स्नान करे तो उसे सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है | 

(रिपोर्ट- बृजेन्द्र बी यादव, वाराणसी)