आलू किसानों की इस दुखती रग पर हाथ रखकर जनाधार बना रही है कांग्रेस

फर्रुखाबाद– देश व प्रदेश में कांग्रेस पार्टी अपना जनाधार खोने के बाद यूपी में आलू किसानों के कन्धों पर हथियार रखकर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में अपना जनाधार बनाने के लिए अभी से तैयारी में जुट गई है। क्योंकि जिले में आलू की पैदावार एशिया में प्रथम स्थान पर है। सातनपुर मंडी में कांग्रेस द्वारा आयोजित किसान सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आये विधान मंडल के नेता अजय उर्फ़ लल्लू सिंह ने कहा -‘ इस भाजपा सरकार की नियत व नियम दोनों सही नही है।यह सरकार जन विरोधी है। यह सरकार मुद्दों की बात नही करती

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January 10, 2018

फर्रुखाबाद– देश व प्रदेश में कांग्रेस पार्टी अपना जनाधार खोने के बाद यूपी में आलू किसानों के कन्धों पर हथियार रखकर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में अपना जनाधार बनाने के लिए अभी से तैयारी में जुट गई है। क्योंकि जिले में आलू की पैदावार एशिया में प्रथम स्थान पर है।

सातनपुर मंडी में कांग्रेस द्वारा आयोजित किसान सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आये विधान मंडल के नेता अजय उर्फ़ लल्लू सिंह ने कहा -‘ इस भाजपा सरकार की नियत व नियम दोनों सही नही है।यह सरकार जन विरोधी है। यह सरकार मुद्दों की बात नही करती है। सरकार केवल बाटने व छांटने का काम करती है।’ सरकार ने आलू का समर्थन मूल्य 487 रूपये रखा था। इस रेट में एक लाख कुंटल आलू खरीदना था। लेकिन मात्र 12 हजार कुंटल से अधिक खरीदा गया जो 13 प्रतिशत है। इस साल में दो लाख आलू खरीदने का लक्ष्य रखा है। लेकिन यह 20 प्रतिशत ही आलू खरीद कर सकते है।वह भी केंद्र सरकार से आदेश लेना पड़ेगा।यह सरकार युवा,व किसान विरोधी है। सरकार ने सत्ता में आने से पहले कहा था कि भाजपा सरकार आने पर किसानों की आमदनी दोगुनी कर दी जायेगी लेकिन ऐसा नही हो रहा है।किसान अपनी फसल की लागत भी नही निकाल पा रहा है। उन्होंने कहा-‘ मै किसानों की परेशानियों को लेकर तीन दिवसीय दौरे पर निकला हुआ हूं। हर जगह किसानों से मिल रहा हूं।जो देखने को मिल रहा है उसकी रिपोर्ट राहुल गांधी को सौपेंगे।’

देश में किसानों को लेकर उनकी दुखती हुई रग पर हाथ रखकर अपनी स्थित मजबूत करने के लिए हर जिले में जाकर किसानों से काग्रेसी नेता मिल रहे है। उधर किसानों की भी अपनी परेशानी है कि जिस फसल में लगातार हानि हो रही है फिर उस फसल को खेतों में क्यों उगाता है। बहुत से किसान कच्चे आलू की फसल को बेचकर उसी खेत में गेहूं की फसल कर रहे है। जिससे वह आलू में होने वाली हानि को पूरा कर लेते है। लेकिन जब भी किसानों से बात चीत की जाती है तो उनको हर फसल में हानि के अलावा कुछ नही मिल पाता है। दूसरी तरफ बाढ़ भी किसानों पर अपना कहर बरपाती रही है।

रिपोर्ट-दिलीप कटियार , फर्रुखाबाद