पैरालिसिस अटैक (लकवा) के तुरंत बाद ये उपाय करके बचाएं रोगी की जान…

हेल्थ डेस्क– 50 की उम्र में लोगों को लकवा मारने का सबसे ज्यादा डर होता है। पैरालिसिस के नाम से पहचानी वाली लकवा मारने की समस्या वैसे तो 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को होती है लेकिन गंभीर बीमारी के कारण लोगों को यह समस्या कम उम्र में भी हो जाती है। शरीर के किसी हिस्से में खून का थक्का जमने के कारण कोशिकाओं और मस्तिष्क में रक्तप्रवाह रूक जाता है, जिसके कारण यह समस्या हो जाती है। लकवा मारने पर इंसान के शरीर का वो हिस्सा काम करना बंद कर देता है।  लकवा मारने पर तुरंत करें

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January 23, 2018

हेल्थ डेस्क– 50 की उम्र में लोगों को लकवा मारने का सबसे ज्यादा डर होता है। पैरालिसिस के नाम से पहचानी वाली लकवा मारने की समस्या वैसे तो 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को होती है लेकिन गंभीर बीमारी के कारण लोगों को यह समस्या कम उम्र में भी हो जाती है।

शरीर के किसी हिस्से में खून का थक्का जमने के कारण कोशिकाओं और मस्तिष्क में रक्तप्रवाह रूक जाता है, जिसके कारण यह समस्या हो जाती है। लकवा मारने पर इंसान के शरीर का वो हिस्सा काम करना बंद कर देता है। 

लकवा मारने पर तुरंत करें ये काम :

1. तिल का तेल: पैरालिसिस अटैक आने पर मरीज को तुरंत 100 मि.ली. तिल के तेल को गर्म करके खिलाएं और उसके बाद 5-6 लहसुन की कलियां चबाने के लिए दें। इसके बाद उसके अटैक वाले हिस्सें को तेल में काली मिर्च पकाकर वहां की मालिश करें।

2. शहद और लहसुन: अटैक आने के बाद मरीज को तुरंत शहद और लहसुन मिलाकर चटाएं। ऐसा करने से प्रभावित अंग स्वस्थ हो जाएगा। लकवा मारने के कुछ दिनों तक मरीज को इसका सेवन करवाते रहें।