GCRG इंस्टीटयूट के 150 स्टूडेंट्स का एडमिशन कैंसिल !

लखनऊ– सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी के जीसीआरजी इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के 150 स्टूडेंट्स का एडमिशन कैंसिल कर दिया है। साथ ही स्टूडेंट्स को मुआवजे के तौर पर 10–10 लाख रुपए और एडमिशन के लिए जमा कराई गई फीस लौटाने का निर्देश कॉलेज को दिया है। वहीं, अवैध तरीके से हुए एडमिशन पर 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।   मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया(एमसीआई) ने 2016-2017 में जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंससेज का दौरा किया था। इस दौरान कॉलेज के अंदर मानकों की पड़ताल की थी। इंस्पेक्शन में पाया गया कि मेडिकल की पढ़ाई के लिए कॉलेज

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November 24, 2017

लखनऊ– सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी के जीसीआरजी इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के 150 स्टूडेंट्स का एडमिशन कैंसिल कर दिया है। साथ ही स्टूडेंट्स को मुआवजे के तौर पर 10–10 लाख रुपए और एडमिशन के लिए जमा कराई गई फीस लौटाने का निर्देश कॉलेज को दिया है। वहीं, अवैध तरीके से हुए एडमिशन पर 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

 

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया(एमसीआई) ने 2016-2017 में जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंससेज का दौरा किया था। इस दौरान कॉलेज के अंदर मानकों की पड़ताल की थी। इंस्पेक्शन में पाया गया कि मेडिकल की पढ़ाई के लिए कॉलेज के अंदर मात्र एक कैडेवर (डेडबॉडी) थी। इसपर एमसीआई ने नाराजगी जाहिर की थी। उस दौरान कॉलेज में 150 स्टूडेंट्स के एडमिशन हो चुके थे।एमसीआई ने बिना कैडबर मेडिकल की क्लासेज संचालित होने पर कॉलेज की मान्यता पर 2 साल की रोक लगा दी। उसके बाद जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज ने इसकी मान्यता बचाने के लिए हाईकोर्ट में शरण ली। इसपर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कॉलेज में स्टूडेंट्स के एडमिशन पर से लगी रोक को हटाने का निर्देश दिया था। 2017-18 बैच के लिए जीसीआरजी कॉलेज ने नीट के तहत 150 स्टूडेंट्स का एडमिशन अपने यहां पर ले लिया। वहीं, अगस्त 2017 में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया(एमसीआई) इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई।