स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही, प्रसूता ने सड़क पर दिया बच्चे को जन्म

एटा–एटा में मानवता उस समय तार-तार हो गई, जब स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से प्रसूता ने सड़क पर बच्चे को जन्म दिया। बताया जा रहा है कि जब प्रसूता अस्पताल पहुंची तो अस्पताल कर्मियों ने ये कहकर अस्पताल से बाहर कर दिया कि अभी इसमें देरी है और इसमें पूरी रात लग जाएगी।  लेकिन जैसे ही प्रसूता अस्पातल से बाहर आयी तभी उसके तेज दर्द हुआ और उसने अस्पताल के गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। उसके बाद भी अस्पताल के किसी कर्मचारी ने ये जहमत नहीं उठायी कि महिला को दुबारा अस्पताल में भर्ती कर ले।  ये

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October 12, 2018

एटा–एटा में मानवता उस समय तार-तार हो गई, जब स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से प्रसूता ने सड़क पर बच्चे को जन्म दिया। बताया जा रहा है कि जब प्रसूता अस्पताल पहुंची तो अस्पताल कर्मियों ने ये कहकर अस्पताल से बाहर कर दिया कि अभी इसमें देरी है और इसमें पूरी रात लग जाएगी। 

लेकिन जैसे ही प्रसूता अस्पातल से बाहर आयी तभी उसके तेज दर्द हुआ और उसने अस्पताल के गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। उसके बाद भी अस्पताल के किसी कर्मचारी ने ये जहमत नहीं उठायी कि महिला को दुबारा अस्पताल में भर्ती कर ले। 

ये पूरा मामला अलीगंज स्वास्थ केंद्र का है, जहाँ बीती रात कस्बे के सुर्दशन दास मोहल्ले की रहने वाली बसंती देवी नामक प्रसूता ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के बाहर सड़क पर बच्चे को जन्म दिया। प्रसूता के परिजनों ने डॉक्टर व अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही के गम्भीर आरोप लगाए है। परिजनों की माने तो अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं था । वही जब प्रसूता घर पर उसकी तबियत ख़राब हो रही थी तब उसने एम्बुलेंस के लिए कई बार कॉल किया लेकिन कई घंटों तक एम्बुलेंस बुलाने पर भी नही आई और दर्द से कराहती प्रसूता पैदल चलकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंची। 

जिसकी वजह से परिजनों और स्थानीय लोगो मे भारी आक्रोश देखने को मिला है। मानवता को तार-तार कर देने वाली इस घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदेश की बदहाल स्वास्थ सेवाओं पर स्वास्थ महकमे का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी कहने से बचता नजर आ रहा है।

(रिपोर्ट-आर.बी.द्विवेदी, एटा)