बंद होने की कगार पर एसिड अटैक पीड़ितों का ‘शीरोज हैंगआउट कैफे’

लखनऊ–एसिड अटैक सरवाइवर की ओर से संचालित गोमतीनगर के शीरोज हैंगआउट कैफे को बंद करने को कहा गया था। इसे 29 सिंतबर यानी आज इस कैफे परिसर को खाली करने को कहा गया था अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच ने इसे खाली करने के लिए 3 हफ्ते का समय दिया है।  वहीं कैफे का संचालन करने वाली महिलाओं ने महिला कल्याण निगम के इस फैसले के खिलाफ मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की है। बता दें कि महिला कल्याण निगम द्वारा शीरोज कैफे को खाली करने के संबंध में जारी आदेश मे कहा गया है कि महिला कल्याण

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October 1, 2018

लखनऊ–एसिड अटैक सरवाइवर की ओर से संचालित गोमतीनगर के शीरोज हैंगआउट कैफे को बंद करने को कहा गया था। इसे 29 सिंतबर यानी आज इस कैफे परिसर को खाली करने को कहा गया था अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच ने इसे खाली करने के लिए 3 हफ्ते का समय दिया है। 

वहीं कैफे का संचालन करने वाली महिलाओं ने महिला कल्याण निगम के इस फैसले के खिलाफ मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की है। बता दें कि महिला कल्याण निगम द्वारा शीरोज कैफे को खाली करने के संबंध में जारी आदेश मे कहा गया है कि महिला कल्याण विभाग की अध्यक्षता में शीरोज हैंगआउट कैफे के संचालन के संबंध में गठित स्टेट मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक 6 सितंबर को हुई थी, जिसमें शीरोज कैफे को बंद करने के बारे में निर्णय लिया गया था। 

इसी क्रम में महिला कल्याण निगम की प्रबंध निदेशक गरिमा यादव की ओर से कैफे की संचालन करने वाली छांव फाउंडेशन को आदेश दिया गया था कि 29 सितंबर तक कैफे को बंद किया जाए और साथ ही सारी सामग्री व उपकरण भी निगम के परियोजना प्रबंधक के यहां जमा करा दी जाए।

इस आदेश के बाद कैफे का संचालन कर रही पीड़ित महिलाओं ने विरोध जताया। इस संबंध में वह सभी महिलाएं विभागीय मंत्री से भी मिलने पहुंची, लेकिन महिला कल्याण मंत्री ने महिलाओं से मिलने से इंकार कर दिया। अब उन्होंने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि उनकी काम-काज से जुड़े इस कैफे को बंद करने के आदेश के वापस लिया जाए।