लखनऊ — उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पासपोर्ट बनवाने गए हिन्दू-मुस्लिम दंपत्ति के कथित अपमान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।
दरअसल पासपोर्ट विवाद में आरोपी बनाए जा रहे अधिकारी विकास मिश्र का पक्ष गुरुवार को सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर देश भर से उनके समर्थन में आम लोगों से लेकर जानी-मानी हस्तियां खड़ी हो गईं है।वहीं लोगों ने पासपोर्ट अधिकारी पर हुई कार्रवाई को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तथा विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया।
बता दें कि राजधानी लखनऊ के रतन स्क्वायर स्थित पासपोर्ट ऑफिस में अफसर विकास मिश्रा द्वारा मुस्लिम लड़के से शादी करने और फिर धर्म परिवर्तन करने की बात कहकर लड़की को अपमानित करने के मामले पर जमकर हंगामा हुआ था। दिन भर सोशल मीडिया पर यह मामला ट्रेंड करता रहा।यही नहीं ट्विटर पर #IsupportVikasMishra नाम से हैशटैग भी शुरू किया गया।
जिस पर कई बड़ी हस्तियों ने अधिकारी विकास मिश्र किया।किसी ने कहा कि अफसर अपनी ड्यूटी कर रहा था। किसी को पासपोर्ट जारी करने से पहले कई तरह की जांच की जाती है, ये उसी का हिस्सा है। ऐसे में अफसर पर की गई कार्रवाई सही नहीं है।
वहीं फिल्म मेकर अशोक पंडित ने लिखा, विकास मिश्र के पक्ष को भी सुनने की जरूरत है, जिन्हें मामले में आरोपी बनाया गया है। उनका तर्क अर्थपूर्ण है, वे एक ही महिला द्वारा दो नाम उपयोग करने पर सवाल उठा रहे हैं। उन्हें दस्तावेजों की जांच करने का पूरा अधिकार है। हमें कैसे पता कि तन्वी के आरोप सही हैं, पासपोर्ट बनवाने के लिए वे झूठ भी बोल सकती हैं।
खुद पर लगे आरोपों को विकास मिश्रा ने किया खारिज
विकास मिश्रा ने भी गुरुवार को खुद पर लगे आरोपों पर मीडिया को जवाब देते हुए कहा मैंने खुद इंटरकास्ट मैरिज की है। मैं जाति व धर्म में भेदभाव नहीं करता।तन्वी के निकाहनामे में उनका नाम सादिया दर्ज था, जबकि दूसरे कागजात में नाम तन्वी सेठ लिखा हुआ था। ऐसे में उन्होंने तन्वी से कहा कि एक प्रार्थना पत्र लिखकर दें, ताकि नाम इंडोर्स किया जा सके. तन्वी इस पर राजी नहीं हुईं और बहस करने लगीं। इस पर मैंने फाइल अपने सीनियर को भेज दी।मैंने जाति या धर्म से संबंधित कोई टिप्पणी नहीं की।

