B’Day Special- सीएम योगी पढ़ाई को लेकर शुरुआत से थे गंभीर, जानिए और भी कई रोचक बाते

न्यूज डेस्क– प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ आज अपना 46वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर कई बड़े नेताओं ने उनको उनके जन्मदिन पर बधाई दी है। मात्र 26 साल की उम्र में पहली बार संसद पहुंचने वाले योगी आदित्यनाथ की कहानी बड़ी ही दिलचस्प है। आज हम आपको उनेक  जिदंगी से जुड़ी कुछ खास बाते बताएंगे। मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी जिले के छोटे से गांव पंचूर के राजपूत परिवार में जन्मे अजय सिंह बिष्ट ने मात्र 22 साल की उम्र में ही सांसारिक मोह माया त्याग कर संन्यासी का जीवन धारण

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June 5, 2018

न्यूज डेस्क– प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ आज अपना 46वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर कई बड़े नेताओं ने उनको उनके जन्मदिन पर बधाई दी है। मात्र 26 साल की उम्र में पहली बार संसद पहुंचने वाले योगी आदित्यनाथ की कहानी बड़ी ही दिलचस्प है।

आज हम आपको उनेक  जिदंगी से जुड़ी कुछ खास बाते बताएंगे। मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी जिले के छोटे से गांव पंचूर के राजपूत परिवार में जन्मे अजय सिंह बिष्ट ने मात्र 22 साल की उम्र में ही सांसारिक मोह माया त्याग कर संन्यासी का जीवन धारण कर लिया और अजय सिंह बिष्ट से नाम बदलकर योगी आदित्यनाथ कर लिया।

इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। गोरखपुर के गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर से यात्रा शुरू हुई। हिंदू युवा वाहिनी बनाई। संसद पहुंचे और आज देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।दरअसल सीएम योगी आदित्यनाथ बचपन से ही बहुत गंभीर रहे हैं। वे अपने भाई बहनों को हमेशा पढ़ने के लिए कहते थे।

cm yogi birthday

यह बात हम नहीं कह रहे, बल्कि उनकी बहन ने खुद बताई है। पौड़ी के कोठार गांव की रहने वाली शशि देवी एकदम साधारण जीवन व्यतीत कर रही हैं। योगी आदित्यनाथ की बहन शशि देवी तीर्थ नगरी ऋषिकेश में चाय की दुकान चलाती हैं। एक दुकान नीलकंठ मंदिर के पास है तो दूसरी भुवनेश्वरी मंदिर (पार्वती मंदिर) के पास है।

shashi devi

इन दुकानों में चाय, पकौड़ी और प्रसाद मिलता है। उनका कहना है कि वे अपने भाई से उत्तराखंड का भी भला चाहती हैं। वे कहती हैं कि उनका भाई उनके लिए कुछ भले ही न करे, लेकिन पहाड़ की जनता के लिए कुछ अच्छा जरूर करें।

shashi devi

शशि देवी बताती हैं कि वह अपने भाई को बहुत प्यार करती हैं लेकिन उसने मिलना नहीं हो पाता। जब उन्हें पता लगा कि उनका भाई योगी बन गया है तब से वह हर साधु में भाई को देखती हैं। उन्होंने कहा कि भाई आते तो हैं लेकिन बात नहीं करते। वह उनसे बात करना चाहती हैं। वे हमेशा लोगों की भलाई के लिए ही काम करते हैं। लेकिन मेरी इच्छा है जब वे यहां आएं तो एक बार उनसे भी बात करें।