भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर पीठ पर लिखा,BJP में काम करोगे तो यही अंजाम होगा

न्यूज डेस्क — पश्चिम बंगाल में भाजपा के एक दलित कार्यकर्ता की हत्या से सनसनी फैल गई है। यही नहीं कार्यकर्ता की हत्या कर लाश एक पेड़ से लटका दी गई और उसकी पीठ पर एक पोस्टर भी चिपका दिया, जिस पर लिखा था कि बीजेपी के लिए काम करने का यही हश्र होगा। बता दें कि घटना पुरुलिया के बलरामपुर थाना इलाके की है, जहां सुपढ़िह गांव के पास जंगल में एक पेड़ पर शव मिला।मृतक की पहचान 18 वर्षीय त्रिलोचन महतो के रूप में हुई। बीजेपी नेताओं का कहना है कि कुछ नकाबपोश लोग उस युवक को जबरन

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May 31, 2018

न्यूज डेस्क — पश्चिम बंगाल में भाजपा के एक दलित कार्यकर्ता की हत्या से सनसनी फैल गई है। यही नहीं कार्यकर्ता की हत्या कर लाश एक पेड़ से लटका दी गई और उसकी पीठ पर एक पोस्टर भी चिपका दिया, जिस पर लिखा था कि बीजेपी के लिए काम करने का यही हश्र होगा।

बता दें कि घटना पुरुलिया के बलरामपुर थाना इलाके की है, जहां सुपढ़िह गांव के पास जंगल में एक पेड़ पर शव मिला।मृतक की पहचान 18 वर्षीय त्रिलोचन महतो के रूप में हुई। बीजेपी नेताओं का कहना है कि कुछ नकाबपोश लोग उस युवक को जबरन उसके घर से उठाकर ले गए थे।

उधर नेताओं का दावा है कि हालिया पंचायत चुनाव में बीजेपी की ओर से त्रिलोचन की सक्रिय भागीदारी के कारण ही उसकी हत्या की गई है। इस घटना की ख़बर फैलते ही स्थानीय लोगों के साथ साथ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी हंगामा शुरू कर दिया। वे पुलिस को त्रिलोचन की लाश ले जाने से भी रोकते रहे। लोग भाजपा नेता त्रिलोचन की हत्या में शामिल आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे।

वहीं आश्वासन देकर पुलिस ने लोगों को शांत किया और बीजेपी कार्यकर्ता का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना को लेकर एक बार फिर पुरुलिया के बलरामपुर ब्लॉक की राजनीति में उबाल आ गया है। पुरुलिया के पुलिस अधीक्षक जॉय बिस्वास ने इस बारे में कहा कि भाजपा  कार्यकर्ता की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच से पता चला है कि यह आपसी रंजिश का मामला है।

उधर अमित शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि पश्चिम बंगाल के बलरामपुर में हमारे युवा कार्यकर्ता त्रिलोचन महतो की क्रूर हत्या से गहरा दुख हुआ है। राज्य के संरक्षण में संभावनाओं से भरा एक युवा जीवन क्रूरता के साथ खत्म कर दिया गया। उसे पेड़ पर फांसी दी गई, क्योंकि उसकी विचारधारा राज्य प्रायोजित गुंडों से अलग थी।