बाहुबली विधायक Ritlal yadav ने कोर्ट में किया सरेंडर, जानें क्या है पूरा मामला

Ritlal yadav: बिहार के राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बाहुबली विधायक रीतलाल यादव ने आज (गुरुवार) कोर्ट में सरेंडर कर दिया। दानापुर से विधायक रीतलाल अपने भाई के साथ कोर्ट में सरेंडर किया। दरअसल हाल ही में पुलिस और एसटीएफ ने आरजेडी विधायक के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद विधायक रीतलाल यादव ने दानापुर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। रीतलाल पर रंगदारी मांगने का आरोप बता दें कि एक बड़े बिल्डर ने रीतलाल यादव पर रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी।

Written By :

SK Sharma

Updated

April 17, 2025

MLA Ritlal Yadav

Ritlal yadav: बिहार के राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बाहुबली विधायक रीतलाल यादव ने आज (गुरुवार) कोर्ट में सरेंडर कर दिया। दानापुर से विधायक रीतलाल अपने भाई के साथ कोर्ट में सरेंडर किया। दरअसल हाल ही में पुलिस और एसटीएफ ने आरजेडी विधायक के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद विधायक रीतलाल यादव ने दानापुर कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

रीतलाल पर रंगदारी मांगने का आरोप

बता दें कि एक बड़े बिल्डर ने रीतलाल यादव पर रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। अब उन्होंने सरेंडर कर दिया है। इससे पहले रीतलाल यादव और उनके भाई चीकू, पिंकू और श्रवण ने दानापुर कोर्ट में सरेंडर किया था। इन सभी पर खगौल थाना क्षेत्र के एक बिल्डर से रंगदारी मांगने का आरोप है। पुलिस ने इनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

जेल भेजे जाने से पहले रीतलाल यादव ने कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए अपने विरोधियों पर कई गंभीर आरोप लगाए। रीतलाल यादव ने कहा- ‘यह पूरी तरह से विरोधियों की साजिश है। हमारी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। हमें जान से मारने की भी साजिश रची गई। विरोधियों को AK-47 जैसे घातक हथियार भी मुहैया कराए गए। जब तक हम जिंदा हैं, रीतलाल यादव दानापुर से चुनाव लड़ते रहेंगे, हम झुकेंगे नहीं।’

तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा निशाना

दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी रीतलाल यादव (Ritlal yadav) पर पुलिस की छापेमारी को लेकर शनिवार को कहा कि बिहार पुलिस एक राजनीतिक टूल के तौर पर काम कर रही है। पुलिस सिलेक्टिव कार्रवाई कर रही है। उन्होंने मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके ठिकाने पर छापेमारी की गई और एके-47 मिलने का दावा किया गया, लेकिन बाद में पुलिस ने कोर्ट को बताया कि कोई सबूत नहीं मिला। पुलिस को सेलेक्टिव टूल के तौर पर काम नहीं करना चाहिए।


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