Ayodhya Ram Navami: रामनवमी पर भव्य होगा रामलला का सूर्य तिलक, तैयारियां पूरी

Ayodhya Ram Navami: भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में रामलला के जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस साल रामनवमी के दिन जब रामलला का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, उसी समय सूर्य तिलक भी किया जाएगा। रामलला का सूर्य तिलक तीन शुभ योगों रवि योग, सर्वार्थसिद्धि योग और सुकर्मा में किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर शनिवार को लगातार तीसरे दिन सूर्य तिलक का सफल ट्रायल किया गया। शनिवार को ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणों ने रामलला के माथे को प्रकाशित किया और यह प्रक्रिया करीब चार मिनट तक चली। रामलला का होगा सूर्य तिलक रविवार को

Written By :

SK Sharma

Updated

April 5, 2025

Ramlalas Surya Tilak

Ayodhya Ram Navami: भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में रामलला के जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस साल रामनवमी के दिन जब रामलला का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, उसी समय सूर्य तिलक भी किया जाएगा। रामलला का सूर्य तिलक तीन शुभ योगों रवि योग, सर्वार्थसिद्धि योग और सुकर्मा में किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर शनिवार को लगातार तीसरे दिन सूर्य तिलक का सफल ट्रायल किया गया। शनिवार को ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणों ने रामलला के माथे को प्रकाशित किया और यह प्रक्रिया करीब चार मिनट तक चली।

रामलला का होगा सूर्य तिलक

रविवार को भी सूर्य तिलक की यही प्रक्रिया चार मिनट तक जारी रहेगी। इसके लिए मंदिर की ऊपरी मंजिल पर रिफ्लेक्टर और लेंस लगाए गए हैं। ताकि सूर्य की किरणें रामलला के माथे तक सटीक तरीके से पहुंच सकें। सूर्य की किरणें लेंस के माध्यम से दूसरी मंजिल के दर्पण तक पहुंचेंगी और फिर इन किरणों का तिलक 75 मिलीमीटर के आकार में रामलला के माथे पर चमकेगा। यह प्रक्रिया सूर्य की गति और दिशा पर निर्भर करेगी। सूर्य तिलक के साथ ही रामलला के अभिषेक, श्रृंगार और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण किया जाएगा, ताकि देश-दुनिया के श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बन सकें।

सुबह 6 बजे से शुरू होगा दर्शन का सिलसिला

रामनवमी पर सुबह 6 बजे से दर्शन का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जो रात 11 बजे तक लगातार जारी रहेगा। इस दौरान रामलला का अभिषेक, श्रृंगार, राग-भोग, आरती और दर्शन एक साथ चलते रहेंगे। इस अवसर पर राम मंदिर में भव्य फूलबंगला झांकी सजाई जाएगी और शाम होते ही पूरा मंदिर विशेष लाइटिंग से जगमगा उठेगा।

6 अप्रैल को दोपहर ठीक 12 बजे रामलला के जन्म की आरती होगी, जिसमें उन्हें पांच तरह की पंजीरी और 56 भोग का भोग लगाया जाएगा। इससे पहले रामलला का पंचामृत अभिषेक होगा और फिर उनका श्रृंगार होगा। उन्हें सोने-चांदी से जड़ी पीतांबरी पहनाई जाएगी और हीरे, मोती, सोने और चांदी के विभिन्न आभूषणों से उनका श्रृंगार किया जाएगा। कलाकार सोहर और बधाई गाकर इस पावन अवसर को और भी शुभ बना देंगे।



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