सरकारी दवा का सैम्पल फेल,कठघरे में अस्पताल प्रशासन

लखीमपुर — अगर आप सरकारी अस्पताल से दवा ले रहे है तो यह ज़रूरी नही कि वो असर करेगी ही।जी हां क्योंकि सरकारी अस्पताल की दवा जांच में फेल हुई है।दरअसल लखीमपुर खीरी में दिसम्बर 2017 में सरकारी अस्पतालों में गरीब-बीमारों को बाटे जाने वाली दर्द की दवा डायजाल का नमूना लेब में फेल हो गया है। लेब से आई रिपोर्ट के मुताबिक यह दवा अधोमानक है इसमें जिस साल्ट का इस्तेमाल किया गया है वो मानक पूरे नही करता यही वजह है कि सेम्पल फेल हो गया।बता दे इस दवा की सप्लाई लगभग पूरे प्रदेश में कई जाती है ओर

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March 29, 2018

लखीमपुर — अगर आप सरकारी अस्पताल से दवा ले रहे है तो यह ज़रूरी नही कि वो असर करेगी ही।जी हां क्योंकि सरकारी अस्पताल की दवा जांच में फेल हुई है।दरअसल लखीमपुर खीरी में दिसम्बर 2017 में सरकारी अस्पतालों में गरीब-बीमारों को बाटे जाने वाली दर्द की दवा डायजाल का नमूना लेब में फेल हो गया है।

लेब से आई रिपोर्ट के मुताबिक यह दवा अधोमानक है इसमें जिस साल्ट का इस्तेमाल किया गया है वो मानक पूरे नही करता यही वजह है कि सेम्पल फेल हो गया।बता दे इस दवा की सप्लाई लगभग पूरे प्रदेश में कई जाती है ओर पोद्दार फार्मा इसकी सप्लाई करती है।दवा को ऑपरेशन पेन या एक्सिडेंटल पेन में दिया जाता है और इसे अच्छा दर्द निवारक भी माना जाता है।दवा फेल होने के बाद अब सवाल गुणवत्ता पर उठने लगे है और यह मामले एक घोटाले की तरफ इशारा करता है। कही पूरा मामला कमीशनखोरी के चलते यह दवा दर्द से निजात न दिला पा रही हो।फिलहाल सीएमओ को मामले में कार्रवाई के लिए लिखा गया है।