टूटी पानी की टंकी के नीचे हुआ स्काउट गाइड रैली कार्यक्रम

फर्रुखाबाद– शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित स्काउट गाइड रैली के कार्यक्रम में एक दर्जन प्राथमिक स्कूलों के बच्चों ने प्रतिभाग किया। लेकिन यहां गंदगी का अम्बार देखकर प्रशासन की पोल – पट्टी खुल गयी।    स्काउट गाइड रैली में बच्चों ने गाइड के जो नियम होते है उनके करने के लिए छात्र-छात्राओं ने अपने अपने तम्बू लगाकर उसकी साजोसज्जा करके उनको सजाया। उसके बाद विना बर्तन के भोजन पकाकर लोगो का मन मोह लिया।साथ ही साथ जब अधिकारी उनके कैम्पो का निरीक्षण कर रहे थे तो छात्रों ने अपने हाथों से पकाया गया भोजन को अधिकारियों को खिलाकर उसका स्वाद के वारे

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February 19, 2018

फर्रुखाबाद– शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित स्काउट गाइड रैली के कार्यक्रम में एक दर्जन प्राथमिक स्कूलों के बच्चों ने प्रतिभाग किया। लेकिन यहां गंदगी का अम्बार देखकर प्रशासन की पोल – पट्टी खुल गयी। 

 

स्काउट गाइड रैली में बच्चों ने गाइड के जो नियम होते है उनके करने के लिए छात्र-छात्राओं ने अपने अपने तम्बू लगाकर उसकी साजोसज्जा करके उनको सजाया। उसके बाद विना बर्तन के भोजन पकाकर लोगो का मन मोह लिया।साथ ही साथ जब अधिकारी उनके कैम्पो का निरीक्षण कर रहे थे तो छात्रों ने अपने हाथों से पकाया गया भोजन को अधिकारियों को खिलाकर उसका स्वाद के वारे में जानकारी ली।यह कार्यक्रम पॉलिटेकनिक के ग्राउंड पर कराया जा रहा था। जिस जगह पर बच्चे अपने कार्यक्रम को प्रस्तुत कर रहे थे उसके पास ही कालेज की टूटी हुई पानी की टँकी बनी हुई है जो कभी भी गिर सकती है। दूसरी तरफ कार्यक्रम का आयोजन होने से पहले वहां की सफाई नही कराई। जैसी गंदगी पड़ी थी उसी जगह पर कार्यक्रम होता रहा।

सबसे बड़ी यह है कि वीएसए अनिल कुमार ने गंदकी के सवाल पर बताया कि यह गंदगी बच्चों ने खाना खाकर डाल दी है ;जबकि बच्चों ने अपना भोजन स्वंम बनाया था।जो गंदकी पड़ी थी वह पैकिंग वाले खाने वाले डिब्बो की थी।सफाई कराने के सबाल पर उन्होंने कहा कि मैने तो एक दिन के लिए उनका यह ग्राउंड लिया है।ग्राउंड का रखरखाव की जिम्मेदारी कालेज के प्रधानाचार्य की होती है।उनको अपने कॉलेज कैम्पस की सफाई करानी चाहिए लेकिन वह कैसा रखते है वह वही बता सकते है।दूसरी तरफ इस प्रकार के कार्यक्रमो के आयोजन के लिए सरकार द्वारा बजट का आवंटन किया जाता है।लेकिन जिस प्रकार से यह कार्यक्रम हुआ है मानो बच्चों के ऊपर अहसान किया जा रहा हो जबकि बजट में स्कूली बच्चों के ऊपर कितना खर्च किया गया या फिर बन्दर बाट कर लिया गया ।

(रिपोर्ट – दिलीप कटियार , फर्रुखाबाद )