नकवी ने किया शिव का जलाभिषेक, उलेमा ने कहा सियासी ढोंग

न्यूज़ डेस्क– महाशिवरात्रि के अवसर पर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंत्रोंच्चारण के बीच भगवान शंकर की आरती और जलाभिषेक की। इस पर ऐतराज जताते हुए उलेमा ने उन्हें तौबा करने की नसीहत दी है।    रामपुर में अल्पसंख्यक मामलों के केन्द्रीय राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने जिला रामपुर में बने ऐतिहासिक रठौंडा मंदिर में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले 15 दिवसीय रठौंडा मेले का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। मुख्तार अब्बास नकवी ने मेले का शुभारंभ करने के बाद मंदिर में आरती की और जलाभिषेक किया। इस दौरान उन्हें तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या

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February 13, 2018

न्यूज़ डेस्क– महाशिवरात्रि के अवसर पर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंत्रोंच्चारण के बीच भगवान शंकर की आरती और जलाभिषेक की। इस पर ऐतराज जताते हुए उलेमा ने उन्हें तौबा करने की नसीहत दी है। 

 

रामपुर में अल्पसंख्यक मामलों के केन्द्रीय राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने जिला रामपुर में बने ऐतिहासिक रठौंडा मंदिर में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले 15 दिवसीय रठौंडा मेले का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। मुख्तार अब्बास नकवी ने मेले का शुभारंभ करने के बाद मंदिर में आरती की और जलाभिषेक किया। इस दौरान उन्हें तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने श्री नकवी का हार फूल मालाओं से स्वागत किया।

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी द्वारा रामपुर के बागेश्वर मंदिर में वैदिक मंत्रो के साथ भगवान शंकर की आरती और जलाभिषेक करने पर देवबंदी उलेमा ने इसे सियासी ढोंग करार दिया है। उलेमा-ए-कराम ने कहा कि मुल्क में हर तहजीब और मजहब का सम्मान करना देश के नागरिकों का फर्ज है लेकिन दूसरे मजहब के अरकान (क्रियाएं) अदा करना गुनाह के साथ-साथ जायज नहीं है।

बता दें रामपुर जिले में रियासत कालीन नवाबों ने रठौंडा मंदिर का निर्माण करवाया था। रठौंडा ग्राम में स्थित खेत में शिव की मूर्ति निकलने पर रियासत काल के नवाब हामिद अली खां ने करीब दो सौ साल पहले इसका निर्माण खुद करवाया था, जिसकी ख्याति सिर्फ जिले में नहीं बल्कि देश के कोने कोने श्रद्धालु यहां पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं। हर साल यहां रठौंडा मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें लाखों की संख्या में अपनी आस्था के चलते लोग पहुंचते हैं। हर साल फागुन माह में यहां शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाता है। सावन माह में प्रत्येक सोमवार को यहां मेला लगता है।