गंगा व पाण्डु नदियों का जलस्तर बढ़ा, तटवर्ती गांवों के वाशिंदे चिन्तित

फतेहपुर जनपद के कटरी क्षेत्र में पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश तथा स्थानीय जलस्त्रोतों से पानी आने से गंगा व पाण्डु नदियों का जलस्तर मंगलवार की रात्रि से तेज़ी से बढ़ रहा है।

Written By :

Shweta Singh

Updated

August 6, 2020

 

फतेहपुर जनपद के कटरी क्षेत्र में पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश तथा स्थानीय जलस्त्रोतों से पानी आने से गंगा व पाण्डु नदियों का जलस्तर मंगलवार की रात्रि से तेज़ी से बढ़ रहा है।

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मलवां व देवमई विकास खंडों के तटीय गांवों के निचले हिस्सों में पानी भरने लगा है। तटीय क्षेत्रों के किसानों की फसल डूब जाने का खतरा बढ़ गया है।देवमई के गलाथा गांव के मजरे बेरीनारी व रामघाट तथा मलवां विकासखंड के अभयपुर के मजरे बिंदकीफार्म, मदारपुर,अवसेरीखेड़ा,कालीकुन्डी आशापुर ग्रामसभा के मजरे जाड़ेकापुरवा तथा बेनीखेड़ा के बाशिंदों की गांव में पानी फैलने से मुश्किलें बढ़ सकती हैं गंगा के पानी में उफान आते ही पांडु नदी कटरी के 20 गांवों में तबाही मचाना शुरु कर देती है। ऐसे में गांवों का जनपद मुख्यालय से संपर्क भी टूट जाता है।

बिन्दकी फार्म के अचलबहादुर, योगेन्द्र, दिनेश ने बताया पानी रात से लगातार बढ़ रहा है।

दोबार गांव गंगा में समाया तीसरी जगह बसा –

मलवां विकासखंड के अभयपुर ग्राम सभा का मजरा कालीकुंडी 90 के दशक में दो बार गंगा में पूरी तरह बाढ़ व कटान से नेस्तनाबूद हो चुका है। ग्रामीणों ने तीसरी जगह फिर से आशियाना बनाकर गांव को आबाद कियाहै। कालीकुंडी गांव के बुजुर्ग बड़कू 70 ,मंगली 75, सुंदर 80 ने बताया हमारा जनजीवन गंगा नदी पर निर्भर है ।यही हमें उजाड ती है । यही हमें आबाद करती हैं। हम इनके किनारे को छोड़कर दूसरा खेती-बाड़ी के अलावा कुछ नहीं कर सकते ।कालीकुंडी गांव के 50 घरों में लगभग 500 लोग आज भी झोपड़ी बनाकर रहते हैं। मूलभूत आवश्यकताओं से आज भी गांव पूर्णतया वंचित है।

बाढ़ से ज्यादा कटान भयावह

गंगा और पांडुनदी के मध्य भाग कटरी में रेतीली जमीन पाई जाती है। यहां पर बाढ़ से ज्यादा कटान खतरनाक होती है।बेनीखेड़ा गांव के बुजुर्ग रामअवतार निषाद ने बताया बाढ़ दिखाई पड़तीहै। जल स्तर बढ़ने से इसकी भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है ।लेकिन अद्रश्य कटान की विभीषिका का अनुमान नहीं लगाया जा सकता है।रेत के नीचे नीचे दोनों नदियों का पानी सुरंग बनाकर पूरे क्षेत्र में फैलता है ।और बहुत बड़ा भूभाग पानी में समा जाता है ।

ऐसे में क्षेत्र के तटीयगांवों के बाशिंदों की चिंताएं बढ़ गयी है।बाढ़ से चौकन्ना तहसील प्रशासन पहले से तैयारी करता है ।लेकिन अभी तक बाढ़ राहत चौकियां खाली पड़ी है। राजस्व लेखपाल शुभम सिंह ने बताया पानी बढ़ने की सूचना से उप जिलाधिकारी बिंदकी को अवगत करा दिया है।