UP में गौ-हत्या को लेकर योगी सरकार का बड़ा फैसला

यूपी (UP) सरकार गोवंशीय पशुओं की रक्षा और गोकशी की घटनाओं से जुड़े अपराधों को रोकने लिए अब और सख्ती करने जा रही है। इसी कड़ी में योगी कैबिनेट अब गौ-ह्त्या करनें वालों को कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है...

Written By :

SK Sharma

Updated

June 10, 2020

उत्तर प्रदेश सरकार जब से योगी सरकार बनी है तभी से गौ संरक्षण को लेकर कई कड़े नियम बनाए है। वहीं यूपी (UP) सरकार गोवंशीय पशुओं की रक्षा और गोकशी की घटनाओं से जुड़े अपराधों को रोकने लिए अब और सख्ती करने जा रही है। इसी कड़ी में योगी कैबिनेट अब गौ-ह्त्या करनें वालों को कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है।

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ये है सजा प्रवाधान…

दरअसल योगी कैबिनेट ने इस तरह के अपराधों को संज्ञेय व गैरजमानती मानते हुए दंड व जुर्माने को बढ़ाने का फरमान जारी किया है। गोकशी करने पर अब दस साल की सजा होगी। अभी तक गोवंश को नुकसान पहुंचाने पर सजा का प्रावधान नहीं था। अब इसमें एक साल से सात साल तक की सजा का प्रावधान कर दिया गया है। इस कदम से गोवंशीय पशुओं को हानि पहुंचाने व उनके गैरकानूनी व अनियमित परिवहन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट ने लगाई संशोधन पर मुहर…

बता दें कि उत्तर प्रदेश (UP) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में यूपी गो-वध निवारण (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की। इस अध्यादेश को लाने और उसके स्थान पर विधानमंडल में विधेयक पेश कर पुन: पारित कराये जाने का फैसला भी कैबिनेट ने किया है। राज्य विधानमंडल का सत्र ना होने और शीघ्र कार्रवाई किये जाने के मद्देनजर अध्यादेश लाने का फैसला किया है।

अवनीश अवस्थी ने दी जानकारी…

इस बात की जानकारी अपर मुख्य सचिव ( गृह एवं सुचना ) अवनीश कुमार अवस्थी ने दी है। अवस्थी ने बताया की, गोवध निवारण कानून को और अधिक मजबूत बनाने के मकसद से उत्तर प्रदेश (UP) कैबिनेट ने 1955 के इस कानून में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

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