गंजे पुरुषों में कोरोना का ज्यादा खतरा- रिसर्च

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वायरस से गंजे लोगों की मौत की आशंका भी ज्यादा हो सकती है। इसके पीछे उनका तर्क यह है कि बाल झड़ने के पीछे एंड्रोजन हार्मोन जिम्मेदार होते हैं। कोरोना वायरस के कई सबसे खराब मामलों...

Written By :

SK Sharma

Updated

June 7, 2020

किलर कोरोना ने पूरी दुनिया में कोहराम मचाया हुआ है। इस वायरस की वजह से अबतक लाखों लोगों की जान चली गई है। वहीं इस महामारी के खतरे को लेकर आए दिन नए दावे किए जा रहे हैं। अब वैज्ञानिकों ने कहा है कि कोरोना वायरस गंजे व्यक्तिों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकता है।

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वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वायरस से गंजे लोगों की मौत की आशंका भी ज्यादा हो सकती है। इसके पीछे उनका तर्क यह है कि बाल झड़ने के पीछे एंड्रोजन हार्मोन जिम्मेदार होते हैं। कोरोना वायरस के कई सबसे खराब मामलों में इस हार्मोन का संबंध पाया गया है।

गंजापन कोरोना के गंभीर खतरे का संकेत

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और रिसर्च के प्रमुख लेखक कार्लोस वैम्बियर ने ब्रिटिश टेलिग्राफ से कहा कि हम वास्तव में ऐसा समझते हैं कि गंजापन कोरोना के गंभीर खतरे का संकेत दे सकता है। इससे पहले कई आंकड़ों से ये पता चला था कि कोरोना से बीमार होने वाले पुरुषों की मौत की आशंका, महिलाओं के मुकाबले अधिक होती है।

प्रोफेसर वैम्बियर ने कहा कि हमें लगता है कि एंड्रोजन शरीर में वायरस की एंट्री के लिए गेटवे का काम करता है। उन्होंने स्पेन में इसको लेकर दो स्टडी की। दोनों में ये सामने आया कि हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले कोरोना पीड़ितों में गंजे लोगों का अनुपात अधिक है।

मरीजों में 71 फीसदी ऐसे थे जो गंजे थे

मैड्रिड के तीन अस्पतालों में भर्ती 122 मरीजों पर की गई स्टडी में देखा गया कि कोरोना पॉजिटिव पाए गए 79 फीसदी मरीज गंजे हैं। इस स्टडी को American Academy of Dermatology जर्नल में प्रकाशित किया गया है। स्पेन में ही की गई एक अन्य स्टडी में देखा गया कि कोरोना के 41 मरीजों में 71 फीसदी ऐसे थे जो गंजे थे। इस स्टडी से साफ है कि गंजे लोगों को कोरोना वायरस की बीमारी से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत है।

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