लखनऊ में मुक़दमा दर्ज करने से मना किया तो IPS अमिताभ ठाकुर ने किया ये….

लखनऊ–आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा शिक्षक भर्ती के परिणाम के संबंध में कतिपय गंभीर तथ्य आने के मद्देनज़र दी गयी शिकायत पर थाना हजरतगंज, लखनऊ ने एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया है। यह भी पढ़ें-लॉकडाउन-5 का खाका तैयार, जानें किन चीजों में मिल सकती है छूट… अपनी शिकायत में अमिताभ ठाकुर ने कहा था कि उन्हें कई लोगों द्वारा पेपर लीक होने तथा परीक्षा की प्रक्रिया में गड़बड़ी होने के संबंध में शिकायत एवं साक्ष्य भेजे गए, जिनके अनुसार जहाँ परीक्षा 06 जनवरी 2019 को 11 बजे शुरू होनी थी, वहीँ एक व्यक्ति के मोबाइल पर 09.57 बजे

Written By :

Shweta Singh

Updated

May 28, 2020

लखनऊ–आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा शिक्षक भर्ती के परिणाम के संबंध में कतिपय गंभीर तथ्य आने के मद्देनज़र दी गयी शिकायत पर थाना हजरतगंज, लखनऊ ने एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया है।

यह भी पढ़ें-लॉकडाउन-5 का खाका तैयार, जानें किन चीजों में मिल सकती है छूट…

अपनी शिकायत में अमिताभ ठाकुर ने कहा था कि उन्हें कई लोगों द्वारा पेपर लीक होने तथा परीक्षा की प्रक्रिया में गड़बड़ी होने के संबंध में शिकायत एवं साक्ष्य भेजे गए, जिनके अनुसार जहाँ परीक्षा 06 जनवरी 2019 को 11 बजे शुरू होनी थी, वहीँ एक व्यक्ति के मोबाइल पर 09.57 बजे तथा दूसरे के मोबाइल पर 10.27 बजे ही व्हाट्सएप से पेपर आ गए थे तथा एक अख़बार में परीक्षा चलते समय ही दिन में 12 बजे पेपर लीक की खबर आई थी।

उन्होंने कई सफल विद्यार्थी एक ही विद्यालय अथवा कुछ ख़ास नंबर सीरिज तथा एक ही परिवार के होने एवं कतिपय दलालों के तथ्य भी अंकित किये थे, साथ ही उन्होंने बलिया के राजू पटेल नामक सफल अभ्यर्थी द्वारा एक रिश्तेदार के जुगाड़ से उनके तथा उनकी बहन के चयन की ऑडियो भी भेजी थी।

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इस्पेक्टर हजरतगंज ने यह कहते हुए एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय हजरतगंज द्वारा बताया गया कि प्रकरण का संबंध बेसिक शिक्षा निदेशालय डालीगंज से है तथा सहायक अध्यापक की भर्ती प्रक्रिया प्रयागराज द्वारा ली जाती है, अतः माध्यमिक शिक्षा निदेशालय हजरतगंज का इससे कोई लेना देना नहीं है।

अमिताभ ने पुलिस कमिश्नर लखनऊ को एफआईआर लिखने के लिए धारा 154(3) सीआरपीसी में प्रार्थनापत्र भेज कर कहा है कि यहाँ प्रश्न यह नहीं है कि भर्ती प्रक्रिया का किससे संबंध है, बल्कि प्रश्न भर्ती प्रक्रिया में पेपर लीक तथा भ्रष्टाचार का है. अतः उन्होंने तत्काल एफआईआर की मांग की है।