श्रम क़ानूनों मे संशोधन का अध्यादेश मजदूर विरोधी

लखनऊ–विद्युत मजदूर संगठन और विद्युत संबिदा मजदूर संगठन के पदाधिकारियों सर्व श्री आर यस राय,अरुण कुमार,आर सी पाल आलोक सिंहा,बिमल चन्द पान्डे और श्रीचन्द ने आज जारी एक बयान कहा है कि पूरा देश आज कोरोना की महामारी से निपटने की कोशिश में लगा हुआ है। यह भी पढ़ें-दिल्ली-एनसीआर में महसूस किये गये भूकंप के झटके, यहां था केंद्र… किन्तु इसी को अपनी ढाल बनाकर पूंजीपतियों को खुली छूट देने के लिए सरकार द्वारा श्रम कानूनों मे संशोधन का अध्यादेश जारी किया जाना मजदूरों के हितो पर भारी कुठाराघात है। संगठन के वरिष्ठ नेता आर यस राय ने कहा है

Written By :

Shweta Singh

Updated

May 11, 2020

लखनऊ–विद्युत मजदूर संगठन और विद्युत संबिदा मजदूर संगठन के पदाधिकारियों सर्व श्री आर यस राय,अरुण कुमार,आर सी पाल आलोक सिंहा,बिमल चन्द पान्डे और श्रीचन्द ने आज जारी एक बयान कहा है कि पूरा देश आज कोरोना की महामारी से निपटने की कोशिश में लगा हुआ है।

यह भी पढ़ें-दिल्ली-एनसीआर में महसूस किये गये भूकंप के झटके, यहां था केंद्र…

किन्तु इसी को अपनी ढाल बनाकर पूंजीपतियों को खुली छूट देने के लिए सरकार द्वारा श्रम कानूनों मे संशोधन का अध्यादेश जारी किया जाना मजदूरों के हितो पर भारी कुठाराघात है।

संगठन के वरिष्ठ नेता आर यस राय ने कहा है कि एक ओर मजदूर पलायन को मजबूर होकर, दर दर का मुहताज,बेरोज़गार और भुखमरी का शिकार है और निरंतर वेतनों पर पाबंदी व मुश्किलों से जूझ रहा है फिर ऐसे समय में मजदूरो के मूलभूत अधिकारो मे छेड़छाड़ करके काम के घंटे बढ़ाकर 12 घंटे किया जाना एक संबिधान बिरोधी क़दम है जिसे कत्तई बर्दाश्त नही किया जा सकता।

मिडिया प्रभारी बिमल चन्द पान्डे ने बताया है कि श्रम कानूनों मे किये गये इस संशोधन का संगठन द्वारा निरंतर बिरोध किया जायेगा उन्होंने सरकार से मजदूर बिरोधी इस अध्यादेश को वापस लिये जाने की मॉग की है।