इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में दिए 50 हजार रू.

कानपुर–इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (Indian Medical Association) कानपुर के पूर्व अध्यक्ष डॉ कुलदीप सक्सेना ने करोना संकट को देखते हुए 50000 प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में दान दिए हैं डॉ कुलदीप सक्सेना हमेशा मानवीय कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं. यह भी पढ़ें-Corona: भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के राष्ट्रीयकरण के लिये न्यायालय में याचिका दायर Indian Medical Association कानपुर के पूर्व अध्यक्ष डॉ कुलदीप सक्सेना ने कहा कि हालांकि ये अल्प धनराशि है लेकिन एक एक बूंद से सागर भरता है इसके लिए सभी को आगे आना चाहिए. आज दुनिया के अधिकांश देश करोना संकट से जूझ रहे हैं अपने

Written By :

Shweta Singh

Updated

April 10, 2020

कानपुर–इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (Indian Medical Association) कानपुर के पूर्व अध्यक्ष डॉ कुलदीप सक्सेना ने करोना संकट को देखते हुए 50000 प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में दान दिए हैं डॉ कुलदीप सक्सेना हमेशा मानवीय कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं.

यह भी पढ़ें-Corona: भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के राष्ट्रीयकरण के लिये न्यायालय में याचिका दायर

Indian Medical Association कानपुर के पूर्व अध्यक्ष डॉ कुलदीप सक्सेना ने कहा कि हालांकि ये अल्प धनराशि है लेकिन एक एक बूंद से सागर भरता है इसके लिए सभी को आगे आना चाहिए. आज दुनिया के अधिकांश देश करोना संकट से जूझ रहे हैं अपने देश में भी इस संकट का मुकाबला करने के लिए पूरा देश एकजुट है हमें माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी जी का नेतृत्व प्राप्त है हम न केवल करोना से अपने देश में लड़ रहे हैं बल्कि संकट की इस घड़ी में अन्य देशों को भी सहयोग कर रहे हैं. करोना संकट से सफल मुकाबले के लिए हमें सरकार के सभी आदेशों का पालन करना चाहिए हमें उन तमाम लोगों का आभार मानना चाहिए जो हमें बचाने के लिए खुद संकट से जूझ रहे हैं Indian Medical Association कानपुर के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर सक्सेना ने बताया की वो खुद भी करोना क्राइसिस के मद्देनजर राज्य सरकार की 108 इमरजेंसी सेवाओं के माध्यम से 24 घंटे सक्रिय हैं.

Indian Medical Association कानपुर के पूर्व अध्यक्ष डॉ कुलदीप सक्सेना ने कहा कि सरकार अगर इजाजत दे तो लोगों को जरूरतमंदों की मदद भी करना चाहिए इस संकट से निकलने का एकमात्र रास्ता यही है कि हम सरकार द्वारा दिए गए आदेशों का कड़ाई से पालन करें सरकार पूरी तरह से इस संकट को खत्म करने के लिए गंभीर है और वह किसी भी चूक के लिए तैयार नहीं है.