बड़ी कार्रवाईः पंचायतीराज विभाग के पूर्व निदेशक पर अभियोग, 12 जिलों के अफसर फंसे

लखनऊ–उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक बार फिर से भ्रष्टाचार पर प्रहार किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पंचायतीराज विभाग के पूर्व निदेशक पर केस दर्ज करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंचायतीराज विभाग के पूर्व निदेशक अनिल कुमार दमेले सहित 12 जिलों के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। बता दें वर्ष 2016-17 में 14वें वित्त आयोग के तहत मिली परफॉर्मेंस ग्रांट राशि को पंचायतीराज विभाग ने केंद्र सरकार के नियमों की अनदेखी करते हुए बांट दिया। विजिलेंस ने यह गड़बड़ी 1123 ग्राम पंचायतों को आवंटित की गई

Written By :

Shweta Singh

Updated

February 4, 2020

लखनऊ–उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक बार फिर से भ्रष्टाचार पर प्रहार किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पंचायतीराज विभाग के पूर्व निदेशक पर केस दर्ज करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंचायतीराज विभाग के पूर्व निदेशक अनिल कुमार दमेले सहित 12 जिलों के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। बता दें वर्ष 2016-17 में 14वें वित्त आयोग के तहत मिली परफॉर्मेंस ग्रांट राशि को पंचायतीराज विभाग ने केंद्र सरकार के नियमों की अनदेखी करते हुए बांट दिया। विजिलेंस ने यह गड़बड़ी 1123 ग्राम पंचायतों को आवंटित की गई 700 करोड़ रुपये की धनराशि में पाई। इस आधार पर 22 नवंबर, 2019 को लखनऊ के अलीगंज थाने में विभाग के उपनिदेशक गिरीशचंद्र रजक, अपर निदेशक राजेंद्र सिंह, तत्कालीन मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी केशव सिंह, अपर निदेशक शिवकुमार और तत्कालीन पटल सहायक रमेशचंद्र यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

सचिवो के विरुद्ध भी अभियोग पंजीकृत होगा। जिला पंचायतराज अधिकारी रामकेवल सरोज, चंद्रिका प्रसाद बाराबंकी, अरविंद सिंह वाराणसी, लालजी दुबे गाजीपुर, अमरजीत सिंह सहारनपुर, मिही लाल यादव इटावा, शीतला सिंह देवरिया, दिनेन्द्र प्रकाश शर्मा महराजगंज पर केस होगा, अनिल सिंह आजमगढ़, राधा कृष्ण भारती गोरखपुर, राजेंद्र प्रसाद मथुरा, धनंजय जयसवाल आगरा, शहनाज अंसारी अलीगढ़ पर केस दर्ज होगा।