मैरीकॉम का बस एक पंच और बन गया इतिहास,ऐसा करनी वाली दुनिया की पहली महिला बनी

मणिपुर की एमसी मैरीकॉम ने गुरुवार को 51 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में कोलंबिया की इंगोट वालेंसिया को 5-0 से मात दी। सेमीफाइनल में जाकर मैरी ने भारत के लिए एक पदक पक्का कर लिया है।

Written By :

SK Sharma

Updated

October 10, 2019

स्पोर्ट्स डेस्क — भारत की स्टार बॉक्सर एमसी मैरीकॉम ने बॉक्सिंग की दुनिया में नया इतिहास बना दिया है। उन्होंने अपने पंच के दम पर विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही उनका मेडल जीतना तय हो गया है। यह वर्ल्ड चैंपियनशिप में उनका आठवां मेडल होगा। इसके साथ ही वे दुनिया की पहली ऐसी बॉक्सर बन जाएंगी, जिसने वर्ल्ड चैंपियनशिप में आठ मेडल जीते हैं।

मणिपुर की एमसी मैरीकॉम ने गुरुवार को 51 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में कोलंबिया की इंगोट वालेंसिया को 5-0 से मात दी। सेमीफाइनल में जाकर मैरी ने भारत के लिए एक पदक पक्का कर लिया है।48 किग्रा वर्ग में छह बार विश्व चैंपियन रह चुकीं मैरीकॉम का यह 51 किग्रा वर्ग में विश्व चैंपियनशिप में पहला पदक होगा। वैसे वे इसी वर्ग में 2014 में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 के एशियन गेम्स में इसी वर्ग में कांस्य पदक जीता था। मैरीकॉम इसी भार वर्ग में लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी हैं।

मैरीकॉम ने क्वार्टर फाइनल के मुकाबले में अच्छी शुरुआत की। उन्होंने दूरी बनाए रखते हुए दाएं जैब का इस्तेमाल किया। वे साथ ही दाएं हाथ से हुक भी लगा रही थीं। हल्के से बदले हुए स्टांस के साथ खेल रही मैरीकॉम बीच-बीच में चकमा दे बाएं जैब से सटीक पंच लगाने में भी सफल रहीं। कोलंबिया की इंगोट वालेंसिया इस रणनीति को समझ रही थीं और इसलिए एहतियात के साथ खेल रही थीं। अंत में दोनों खिलाड़ी आक्रामक हो गईं।

दूसरे दौर में दोनों मुक्केबाजों ने अच्छा किया, लेकिन मैरीकॉम अपनी विपक्षी से थोड़ा आगे रहीं। वह इंगोट के पास आते ही हुक का अच्छा इस्तेमाल कर रही थीं और यहीं वह इंगोट पर हावी रही थीं। तीसरे दौर में भी मैरीकॉम ने यही किया और जीत अपने नाम की।