…जब SO साहब खुद ही अपने सीनियर अफसरों को सिखाने लगे नियम-कानून

फर्रुखाबाद–थानाध्यक्ष अपने अधिकारियों को कानून सिखाने में लग गए है क्योकि जब हजारो रुपये की गाड़ियों की नीलामी की समय सीमा इस्पेक्टर के हिसाब से 10 मिनट तय की गई उसके बाद भी इस्पेक्टर विनय राय ने अपनी दबंगई के चलते बोली में जिस प्रकार खलल डाला मानो वही नीलाम हो रही गाड़ियों को खरीद रहे हो। दरअसल थाना मऊदरवाजा में कुल 14 बाइकों की नीलामी होनी थी। जिसको लेकर नायब तहसीलदार पवन गुप्ता व प्रभारी निरीक्षक विनय प्रकाश राय नीलामी कमेटी में बैठे थे। जिसके बाद नम्बर दो की बाइक के लिए 8 हजार रूपये की बोली लगी।जिसके लिए

Written By :

admin

Updated

May 29, 2019

फर्रुखाबाद–थानाध्यक्ष अपने अधिकारियों को कानून सिखाने में लग गए है क्योकि जब हजारो रुपये की गाड़ियों की नीलामी की समय सीमा इस्पेक्टर के हिसाब से 10 मिनट तय की गई उसके बाद भी इस्पेक्टर विनय राय ने अपनी दबंगई के चलते बोली में जिस प्रकार खलल डाला मानो वही नीलाम हो रही गाड़ियों को खरीद रहे हो।

दरअसल थाना मऊदरवाजा में कुल 14 बाइकों की नीलामी होनी थी। जिसको लेकर नायब तहसीलदार पवन गुप्ता व प्रभारी निरीक्षक विनय प्रकाश राय नीलामी कमेटी में बैठे थे। जिसके बाद नम्बर दो की बाइक के लिए 8 हजार रूपये की बोली लगी।जिसके लिए नायब तहसीलदार ने 10 मिनट का समय दिया था। नीलामी का तय समय पूर्ण होने के बाद एक व्यक्ति ने 8100 रूपये की बोली लगा दी गयी। लेकिन नायब तहसीलदार ने कहा की नीलामी की बोली का समय पूर्ण हो गया है अब बोली नही लगेगी।लेकिन प्रभारी निरीक्षक विनय प्रकाश राय ने आपत्ति लगा दी क्योकि उन्हें अपने चहेते आदमी को बाइक दिलानी थी।

उसी के चलते कानून ताक में रखकर उन्होंने कहा की जो व्यक्ति 8100 रूपये की बोली लगा रहा है उसको बाइक मिलनी चाहिए। जिससे राजस्व को भी लाभ होगा। यह बात सुनकर नायब तहसीलदार ने कहा कि यदि राजस्व बढ़ाना था तो समय सीमा क्यो तय की गई थी।इस प्रकार तो दो दिन में भी नीलामी प्रक्रिया पूरी नही हो सकती है।पुलिस थाने की अधिकारी होने के कारण उन्होंने अपने सीनियर अधिकारी की खुलेआम इज्जत को सामने बैठकर नीलाम कराया है।इसी बात पर दोनों अधिकारीयों में ठन गयी।जबकि हकीकत यह है कि जिस आदमी को बाइक दिला रहे है वह थाने में चाय बेचता है। साथ ही नगर पालिका की सरकारी जमीन पर दुकान चला रहा है।

नायब तहसीलदार का आरोप है कि बोली लगाने आये प्रभारी निरीक्षक के कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता भी की।लेकिन प्रभारी निरीक्षक ने उन्हें नही रोका।ज्यादा मामले बढ़ते देख उस बाइक की नीलामी प्रक्रिया एसडीएम के पास भेज दी गयी है।

(रिपोर्ट-दिलीप कटियार, फर्रूखाबाद)