लखनऊः बीकेटी में छीनी गई ग्राम प्रधान की प्रधानी,लगे ये आरोप 

लखनऊ — राजधानी लखनऊ के बीकेटी विकास खंड के गुलालपुर पंचायत के ग्राम प्रधान सत्यप्रकाश की प्रधानी छीन ली गई है। अब इनका कार्यभार तीन सदस्यीय टीम देखेगी। दरअसल प्रधान पर विकास कार्यों को कागजों पर दिखाने के आरोप है। डीपीआरओ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2012-13 से लेकर 2018-19 में राज्य वित्त और 14वें वित्त से करवाए गए विकास कार्यों के नाम पर जमकर धांधली की गई। इसमें तत्कालीन प्रधान और वर्तमान सचिव की भी मिलीभगत रही।  लिहाजा तत्कालीन प्रधान भगवती प्रसाद और वर्तमान प्रधान सत्यप्रकाश के खिलाफ सीडीओ ने एफआईआर के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त मनरेगा राजमणि वर्मा

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January 25, 2019

लखनऊ — राजधानी लखनऊ के बीकेटी विकास खंड के गुलालपुर पंचायत के ग्राम प्रधान सत्यप्रकाश की प्रधानी छीन ली गई है। अब इनका कार्यभार तीन सदस्यीय टीम देखेगी। दरअसल प्रधान पर विकास कार्यों को कागजों पर दिखाने के आरोप है।

डीपीआरओ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2012-13 से लेकर 2018-19 में राज्य वित्त और 14वें वित्त से करवाए गए विकास कार्यों के नाम पर जमकर धांधली की गई। इसमें तत्कालीन प्रधान और वर्तमान सचिव की भी मिलीभगत रही। 

लिहाजा तत्कालीन प्रधान भगवती प्रसाद और वर्तमान प्रधान सत्यप्रकाश के खिलाफ सीडीओ ने एफआईआर के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त मनरेगा राजमणि वर्मा को दोनों प्रधानों द्वारा करवाए गए कार्यों के बिल वाउचर की जांच, भौतिक सत्यापन और खुली बैठक संबंधित अन्य मामलों की जांच कर 15 दिनों में रिपोर्ट देने को कहा गया है।

 सीडीओ मनीष बंसल ने बताया कि कुछ प्रधानों के खिलाफ और सचिवों के खिलाफ भी विकास कार्यों के धन से अपनी जेबे भरने के आरोप लगे हैं। इनकी भी जांच करवाई जा रही है। जल्द ही उनके खिलाफ भी 15 जी का नोटिस जारी की जाएगी।

दरअसल ग्राम प्रधान और सचिव की मिलीभगत से बीकेटी की ग्राम पंचायत गुलालपुर में कागजों पर ही निर्माण कार्य दिखाकर 5 लाख 51 हजार 450 रुपयों को गबन कर लिया गया। मामला वित्तीय वर्ष 2015-16-2016-17 का है। इसके अलावा मिलते जुलते नाम वाले पात्र व्यक्ति की जगह अपात्र को पीएम आवास योजना का लाभ देते हुए धनराशि जारी कर दी गई थी। इसमें तत्कालीन सचिव अशोक यादव, तत्कालीन ग्राम प्रधान भगवती और वर्तमान प्रधान सत्यप्रकाश की संलिप्तता थी।