छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़,किताबों में छपी अटल जी की गलत जन्मतिथि

प्रतापगढ़ — बेसिक शिक्षा विभाग छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है । आधा सत्र बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार शिक्षकों को किताबों की गलतियो से उच्चाधिकारियो को अवगत कराना भी मुनासिब नही समझा। छात्र इन्ही गलत जानकारियों जो किताबो में दर्ज है के आधार पर शिक्षा प्राप्त कर रहे। बता दें कि कक्षा 6 की मंजरी में पेज संख्या एक सौ तेरह पर पूर्व प्रधानमंत्री भरत रत्न स्व. अटल विहारी बाजपेयी जी की फोटो के साथ उनके बारे में जो जानकारी दी गई है उसमें अटल जी का जन्मदिन 2 दिसम्बर दर्शाया गया है ।जबकि स्व.

Written By :

admin

Updated

December 26, 2018

प्रतापगढ़ — बेसिक शिक्षा विभाग छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है । आधा सत्र बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार शिक्षकों को किताबों की गलतियो से उच्चाधिकारियो को अवगत कराना भी मुनासिब नही समझा। छात्र इन्ही गलत जानकारियों जो किताबो में दर्ज है के आधार पर शिक्षा प्राप्त कर रहे।

बता दें कि कक्षा 6 की मंजरी में पेज संख्या एक सौ तेरह पर पूर्व प्रधानमंत्री भरत रत्न स्व. अटल विहारी बाजपेयी जी की फोटो के साथ उनके बारे में जो जानकारी दी गई है उसमें अटल जी का जन्मदिन 2 दिसम्बर दर्शाया गया है ।जबकि स्व. अटल जी का जन्मदिन सरकार ने 25 दिसम्बर को सुशासन दिवस के रूप में मनाया।

जबकि इस पुस्तक की मुद्रण की जिम्मेदारी जनरल ऑफसेट इलाहाबाद ने निभाई थी। तो वही कक्षा सात में पढ़ाई जा रही इतिहास की किताब में शेरशाह सूरी और हुमायूँ के बीच हुए चौसा और कन्नौज युद्ध के बारे में भी गलत जानकारी छात्रों को दी जा रही है।

चौसा का युद्ध जहां 1539 में हुआ था तो वही कन्नौज का युद्ध 1540 में। चौसा के युद्ध की हार से तिलमिलाया हुमायूँ कनौज में 1540 पुनः आक्रमण किया इस युद्ध मे शेरशाह सूरी जीतने के बाद सुल्तान बना और पांच साल शासन किया।

(रिपोर्ट-मनोज त्रिपाठी,प्रतापगढ़)