मुख्यमंत्री ने किया गोरखनाथ शोध पीठ का शिलान्यास

गोरखपुर  — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृहजनपद गोरखपुर में शुक्रवार को गोरखनाथ शोध पीठ का शिलान्यास किया. अब पीठ की सदस्यता ऑनलाइन भी ली जा सकती है. इस दौरान यूजीसी के चेयरमैन प्रोफेसर डीपी सिंह और डीडीयू के कुलपति प्रोफेसर वीके सिंह को पीठ की ओर से पहला आजीवन सदस्य बनाया गया है. गोरखनाथ शोध पीठ की स्थापना यूपी सरकार का संस्कृति मंत्रालय और दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय मिलकर करेंगे. इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि भारत के अतीत पर नजर डालिये तो मिलेगा की वह दुनिया को धार्मिक नेतृत्व दिया है. पिछले चार वर्षों

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November 30, 2018

गोरखपुर  — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृहजनपद गोरखपुर में शुक्रवार को गोरखनाथ शोध पीठ का शिलान्यास किया. अब पीठ की सदस्यता ऑनलाइन भी ली जा सकती है.

इस दौरान यूजीसी के चेयरमैन प्रोफेसर डीपी सिंह और डीडीयू के कुलपति प्रोफेसर वीके सिंह को पीठ की ओर से पहला आजीवन सदस्य बनाया गया है. गोरखनाथ शोध पीठ की स्थापना यूपी सरकार का संस्कृति मंत्रालय और दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय मिलकर करेंगे.

इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि भारत के अतीत पर नजर डालिये तो मिलेगा की वह दुनिया को धार्मिक नेतृत्व दिया है. पिछले चार वर्षों से यूएनओ ने पीएम मोदी की पहल पर योग को वैश्विक मान्यता दी है जो जीता जागता प्रमाण है. यह आध्यात्मिक चेतना की देन है. 

उन्होंने कहा कि गुरु गोरक्षनाथ ने कहा कि मनुष्य के अंदर सारा ज्ञान छिपा है, बस उसे जाग्रत करने की जरूरत है.  डीडीयू ने 60 वर्षों के समय में देश को महान विभूतियों को दिया है. उन्होंने कहा कि महा योगी गुरुगोरक्षनाथ शोध पीठ योग से लेकर अध्यात्म तक की महत्ता को स्थापित करेगा.सीएम ने इस दौरान शोध पीठ के अधिशासी समिति के सदस्य डॉ प्रदीप राव की किताब नाथ पंथ का विमोचन कर पीठ की भूमिका का भी शुभारंभ किया.