नदी में समाई 30 बीघा जमीन, दहशत में ग्रामीण

बहराइच–घाघरा नदी की कटान लगातार जारी है। महसी के कोढ़वा और टिकुरी गांव में 30 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो गयी। लगातार हो रही कटान से ग्रामीणों में दहशत है। प्रशासन ने अभी तक बचाव के कोई इंतजाम नहीं किए हैं। घाघरा नदी का जलस्तर घटने के साथ ही महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में कटान तेज है। कटान तेज होने के कारण ग्रामीणों में दहशत है। कैसरगंज क्षेत्र के भिरगूपुरवा, रोहितपुरवा, महावीरपुरवा अदि गांवों में ग्रामीण अपने आशियाने उजाड़ने के लिए मजबूर हैं। वहीं महसी तहसील क्षेत्र में भी नदी की कटान तेज है। महसी तहसील

Written By :

Shweta Singh

Updated

September 28, 2019

बहराइच–घाघरा नदी की कटान लगातार जारी है। महसी के कोढ़वा और टिकुरी गांव में 30 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो गयी। लगातार हो रही कटान से ग्रामीणों में दहशत है। प्रशासन ने अभी तक बचाव के कोई इंतजाम नहीं किए हैं।

घाघरा नदी का जलस्तर घटने के साथ ही महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में कटान तेज है। कटान तेज होने के कारण ग्रामीणों में दहशत है। कैसरगंज क्षेत्र के भिरगूपुरवा, रोहितपुरवा, महावीरपुरवा अदि गांवों में ग्रामीण अपने आशियाने उजाड़ने के लिए मजबूर हैं। वहीं महसी तहसील क्षेत्र में भी नदी की कटान तेज है।

महसी तहसील क्षेत्र के कोढ़वा व टिकुरी गांव में नदी की कटान में ग्रामीणों की 30 बीघा खेती योग्य जमीन समाहित हो गई है। ग्रामीणों की धान, मक्का आदि फसल भी नदी में समाहित हो रही है। ग्रामीण मकान तोड़कर गृहस्थी समेटकर सुरक्षित स्थानों पर पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं।

(रिपोर्ट-अनुराग पाठक, बहराइच)