इस टीवी एस्ट्रेस की आपबीती सुन कांप जाएगी आपकी रुह

मनोरंजन डेस्क– वैसे तो लगभग सभी ने अपने बचपन में भूत-प्रेतो की कई कहानियां अपने बड़ो से सुनी होगी। जिसे सुनकर आप कई बार काफी डर भी गए होंगे। लेकिन सुबह होते-होते सब कुछ भूल जाते है। लेकिन अगर आपके साथ कुछ ऐसा घटित हुआ हो जिसे आप सारी उम्र भूल न पाए तो।  जी हां ऐसा हम नही कह रहे बल्कि ये बात टीवी की मशहूर एस्ट्रेस प्रीतिका राव का कहना है कि उनकी जिंदगी में कुछ घटित हुआ जिसने उन्हे सुपरनैचुरल शो करने पर मजबूर कर दिया। उनका नया टीवी सीरियल ‘लाल इश्क’ इसी थीम पर बेस्ड है।

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June 13, 2018

मनोरंजन डेस्क– वैसे तो लगभग सभी ने अपने बचपन में भूत-प्रेतो की कई कहानियां अपने बड़ो से सुनी होगी। जिसे सुनकर आप कई बार काफी डर भी गए होंगे। लेकिन सुबह होते-होते सब कुछ भूल जाते है। लेकिन अगर आपके साथ कुछ ऐसा घटित हुआ हो जिसे आप सारी उम्र भूल न पाए तो। 

जी हां ऐसा हम नही कह रहे बल्कि ये बात टीवी की मशहूर एस्ट्रेस प्रीतिका राव का कहना है कि उनकी जिंदगी में कुछ घटित हुआ जिसने उन्हे सुपरनैचुरल शो करने पर मजबूर कर दिया। उनका नया टीवी सीरियल ‘लाल इश्क’ इसी थीम पर बेस्ड है। दीपिका ने कुछ ऐसा अनुभव किया जिसे वे पूरी तरह सुपरनैचुरल कह सकती हैं। दीपिका के इस शो से दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं।

दीपिका ने बताया कि जब वो नौवीं क्लास में पढ़ती थी तो पुणे में अपनी आंटी के बंगले में गई हुई थी जहां उनकी सास अकेली रहती थीं। मेरे कजिन्स यानी उनके बच्चे अमेरिका से छुट्टियां मनाने वहां आये हुए थे। मैं घर के सबसे ऊपरी मंजिल पर सो रही थी और मां मेरे बगल वाले कमरे में सो रही थीं। मैंने उस दिन कुछ ऐसा अनुभव किया जिसे मैं पूरी तरह सुपरनेचुरल कह सकती हूं। 

प्रीतिका राव

मैं लगभग सोने ही वाली थी लेकिन कमरे में किसी के टहलने की आवाज से मेरी नींद खुल गई। मैंने अपनी आंखें खोलीं और देखा कि एएसए से आया मेरा बड़ा भाई कमरे के अंदर बिस्तर के दाईं ओर खिड़की की तरफ बढ़ रहा था। मैंने सोचा कि मुझे उसे अकेले छोड़ देना चाहिए क्योंकि मुझे लगा कि वह शायद कमरे में कुछ ढूंढने आया है।

प्रीतिका राव

लेकिन दो सेकेंड बाद जब मैने अपनी आंखें फिर खोली वह गायब हो चुका था। मैंने अपनी मां को जगाया और उनसे सारी चीजें बताईं तो वह काफी डर गईं। अगली सुबह जब मैंने अपने भाई से पूछा तो उन्होंने बताया कि वह जल्दी सो गये थे। हर किसी को यह बड़ा अजीब और मजेबार भी लगा।

प्रीतिका राव

संयोग की बात थी फिर पास वाले बंगले में उसी रात अंकल की मौत हो गई थी। जिसके बारे में हमें अगले दिन पता चला था। लेकिन ये पूरी घटना आज भी मेरे लिए एक रहस्य है। मुझे उस दिन भी आज भी अच्छी तरह याद है कि मैं पूरी तरह जागी हुई थी। उस पूरे अनुभव के दौरान होश में थी।