विवेक हत्याकांड- संदीप, प्रशांत चौधरी के साथ नही जाना चाहता था ड्यूटी पर

लखनऊ– राजधानी लखनऊ के चर्चिच विवेक तिवारी हत्याकांड में जेल में बंद दूसरा आरोपित संदीप कुमार पहली बार 28 सितंबर की रात में प्रशांत चौधरी के साथ ड्यूटी पर निकला था। गोमतीनगर थाने में ड्यूटी मुंशी से उसकी इस बात को लेकर बहस भी हुई थी। संदीप ड्यूटी पर उसके साथ नहीं जाना चाहता था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और वह जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। मूलरूप से बागपत निवासी आरोपित संदीप कुमार का विवेक हत्याकांड से कुछ दिन पहले ही दारोगा के पद पर चयन हुआ था। जल्द ही वह दारोगा ट्रेनिंग के लिए

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October 15, 2018

लखनऊ– राजधानी लखनऊ के चर्चिच विवेक तिवारी हत्याकांड में जेल में बंद दूसरा आरोपित संदीप कुमार पहली बार 28 सितंबर की रात में प्रशांत चौधरी के साथ ड्यूटी पर निकला था। गोमतीनगर थाने में ड्यूटी मुंशी से उसकी इस बात को लेकर बहस भी हुई थी।

संदीप ड्यूटी पर उसके साथ नहीं जाना चाहता था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और वह जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। मूलरूप से बागपत निवासी आरोपित संदीप कुमार का विवेक हत्याकांड से कुछ दिन पहले ही दारोगा के पद पर चयन हुआ था। जल्द ही वह दारोगा ट्रेनिंग के लिए जाने वाला था, लेकिन इससे पहले ही वह हत्यारोपित बन गया।

रिमांड पर आए संदीप ने शनिवार को पुलिसकर्मियों से बताया कि उसके पिता भी सिपाही थे और वर्तमान में अस्वस्थ होने के कारण बेड रेस्ट पर हैं। उसकी मां को हार्ट की बीमारी है और तीन बार उन्हें हृदयाघात हो चुका है। अब तक संदीप ने मां को खुद के जेल में बंद होने की सूचना नहीं दी है।

हालात की गंभीरता को समझते हुए संदीप के घरवालों ने भी उन्हें कोई जानकारी नहीं दी है। जानकारी के मुताबिक संदीप के मां के उसके घर न पहुचने पर घरवालों ने संदीप की छुट्टी निरस्त होने की बात बताई है। लेकिन असल हकीकत तो कुछ और ही है।