…जब परिवार का पेट भरने के लिए सब्जी का ठेला लेकर निकल पड़ी मासूम, देखें Video

कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के बीच लगे लॉक-डाउन के बीच Video में देखें मासूम मेहर जहां रात 2 बजे घर से निकलकर सब्जी लेने सब्जी मंडी जाती हैं और वहां से सब्जी खरीदकर ठेले पर उन सब्जियों..

Written By :

Shweta Singh

Updated

April 30, 2020

बाराबंकी : बाराबंकी जिले में एक 12 साल की मासूम बेटी अपने छोटे भाइयों और बहनों सहित 8 लोगो के परिवार को चलाने के लिए आज शहर की गलियों में सब्जी बेचने के लिए वो ठेला चला रही हैं।

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रात 2 बजे सब्जी मंडी जाती है मासूम

कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के बीच लगे लॉक-डाउन के बीच Video में देखें मासूम मेहर जहां रात 2 बजे घर से निकलकर सब्जी लेने सब्जी मंडी जाती हैं और वहां से सब्जी खरीदकर ठेले पर उन सब्जियों को सजाकर आसपास की कॉलोनियों में बेचती है। आवास विकास कॉलोनी निकट काशीराम आवास में रहने वाली बहादुर माशूम मेहरजहा अपने छोटे भाई बहनों को पढ़ाने के साथ वो इन दिनों कड़ी मेहनत कर रही है जिसकी वजह से उनके हाथों छाले भी पड़ गए हैं।

अचानक हुई थी पिता की मौत

पिता निजामुद्दीन की अचानक हुई हार्ट अटैक से मौत के बाद उसकी माँ आलिया बानो सरकार से मिलने वाली महिला कल्याण विभाग की सहायता राशि और निराश्रित पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते काटते जब थक गयी तब मेहर ने सब्जी बेचने का फैसला लिया। लॉकडाउन के पहले वो पुलिस लाइन नजदीक लगने वाली सब्जी बाजार में एक जगह सब्जी की दुकान लगाकर सब्जी बेचती थी लेकिन लॉक-डाउन होने के बाद अब वो सब्जी ठेले पर बेचने के लिए शहर की गलियों में ठेला चलाती हैं। Video में देखें लोग उसकी सब्जी ख़रीदे इसके लिए वो आवाज भी लगाती हैं।

नन्ही उम्र में हौसले बुलंद

Video में देखें नन्ही उम्र में मेहरजहा के हौसले इतने बुलंद हैं की इतनी कम उम्र में वो बड़ो बड़ो को अपने काम के जरिये सोचने पर मजबूर कर रही हैं जिसकी बदौलत उसके परिवार को दो वक्त की रोटी मिलती है। मेहरजहा का कहना हैं देश के प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लॉक डाउन लगाकर बहुत अच्छा फैसला लिया जिससे वो सभी सुरक्षित हैं।

(रिपोर्ट- रोली मिश्रा, बाराबंकी )